मुजफ्फरपुर : चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट ने दिए जांच के आदेश



---राम नरेश ठाकुर (apnsnews.com), मुजफ्फरपुर, 24 जून 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

‘चमकी’ बुखार में 168 बच्चों की मौत मामले में मुजफ्फरपुर के चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट सूर्यकांत तिवारी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ• हर्षवर्धन और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के खिलाफ जांच का आदेश दे दिया है। मुजफ्फरपुर की एक समाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के खिलाफ परिवाद दायर किया है।

‘चमकी’ बुखार यानि एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के कहर से बच्चों को बचाने और तत्काल विशेषज्ञों की मेडिकल बोर्ड गठित करने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज (सोमवार) में सुनवाई किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, बिहार और यूपी सरकार को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है। याचिका में यह भी कहा गया है कि सरकारों को निर्देश दिया जाए कि वह इस बीमारी से बचाव और जागरूकता के लिए पर्याप्त प्रचार करें। इसके अलावा जिनके बच्चों की इस बीमारी से मौत हुई है, उनके परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है।

सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने मुजफ्फपुर में चमकी बुखार से बच्चों की मौत मामले में हर्षवर्धन और मंगल पांडेय के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में 17 जून को याचिका लगाई थी। इस पर सोमवार को सुनवाई हुई। तमन्ना हाशमी ने याचिका में लिखा था कि जागरुकता अभियान नहीं चलाने की वजह से बच्चों की मौत हुई है। इस बीमारी से पिछले कुछ वर्षों में सैकड़ों बच्चों की जान जा चुकी है। सरकार की लापरवाही की वजह से बच्चों की जान जा रही है। सारे दावे हवा-हवाई हैं। पत्र में कहा गया था कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन 2014 में भी मुजफ्फरपुर आए थे और कई वादे किए थे। इसके बाद भी हर साल बच्चों की मौत का सिलसिला जारी रहा। 2014 के बाद अब तक सैकड़ों बच्चों की मौत हो चुकी है।

ताजा समाचार

  India Inside News


National Report



Image Gallery
Budget Advertisementt