--- हरेन्द्र शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार, वाराणसी।
☆ बीएचयू के चिकित्सक प्रो• वी• एन• मिश्र को नोबेल संग्रहालय के निदेशक ने किया सम्मानित
काशी हिंदू विश्वविद्यालय चिकित्सा विग्यान संस्थान के न्यूरोलाजी विभाग के प्रो• वी• एन• मिश्र की परिकल्पना एवं शोध पर लकवा रोग जागरूकता पर निर्मित दुनिया की पहली फिचर फिल्म "फिर वही दिन" स्वीडेन के अल्फ्रेड नोबेल संग्रहालय में रखी गई है। मरीजों की सेवा के क्षेत्र में वैश्विक रुख किए फिचर फिल्म "फिर वही दिन" का डंका यूरोपियन देशों में भी बजने लगा है। सवावे की ओर से बर्लिन के प्रसिद्ध फाइअर कक्ष के 30वें मंजिल पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय न्यूरोलॉजी सेमिनार में लकवा जनजागरुकता पर निर्मित विश्व की पहली फिचर फिल्म "फिर वही दिन" का लोकार्पण हुआ।
भारत की सांस्कृतिक राजधानी काशी में गत 2 अक्टूबर को संकटमोचन महंत प्रो• विश्वम्भरनाथ मिश्र द्वारा लोकार्पित वाली हिंदी फिचर फिल्म 'फिर वही दिन' जिसमें लकवा रोग और उससे बचाव के उपाय बताए गए हैं। इस फिल्म के माध्यम से लोगों को बताया गया है कि लकवा बीमारी है, इसका इलाज संभव है। इसके लिए किसी झाड़-फूंक की जरूरत नहीं, किसी ओझा की जरूरत नहीं। इसके लिए न्यूरोलॉजिस्ट से मिलने की जरूरत है। इस फिचर फिल्म को बीएचयू न्यूरोलाजी विभाग के चिकित्सक प्रो• वी• एन• मिश्र ने अपने एक पखवारे यूरोपीय देशों के दौरे के क्रम में रविवार को स्वीडेन सरकार की अनुमति के बाद नोबेल संग्रहालय में लोगों के अवलोकनार्थ हिंदी फिचर फिल्म "फिर वही दिन" रखवाया। इस अवसर पर संग्रहालय के निदेशक ने प्रोफेसर वी• एन• मिश्र को मानवता की दिशा में किये गये सराहनीय पहल के लिए सम्मानित भी किया।