--- हरेन्द्र शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार, वाराणसी।
☆ पुरानी संस्कृति को जोड़ना और सहेजना ही है मेरा संकल्प - लोकगायिका
काशी हिंदू विश्वविद्यालय भारत अध्ययन केंद्र में पहली शताब्दी पीठ के प्रोफेसर पद पर लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी को नियुक्त किया गया है। दिल्ली में गत 26 सितंबर को हुई कार्यकारी परिषद की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी। बीएचयू के रिक्रूटमेंट व असेसमेंट सेल के डिप्टी रजिस्ट्रार ने पत्र लिखकर उन्हें नियुक्ति की जानकारी दी है। मालिनी अवस्थी की नियुक्ति पांच साल के लिए की गई है। गौरतलब है कि चेयर प्रोफेसर की जिम्मेदारी मुख्य परामर्शदाता की होती है जो सभी गतिविधियों की निगरानी व उनका समन्वय करता है। भारत अध्ययन केंद्र की स्थापना प्राचीन भारतीय संस्कृति, साहित्य व ज्ञान पर अध्ययन व शोध के उद्देश्य से की गई है। केंद्र का उद्देश्य ऐसे शोधार्थियों का समूह तैयार करना है जो अपने प्राचीन ज्ञान के खजाने को खोजकर उसका प्रयोग मानव हित में कर सके।
बीएचयू के शताब्दी पीठ प्रोफेसर लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने बताया कि यह सही है कि मुझे बीएचयू के भारत अध्ययन केंद्र में चेयर प्रोफेसर नियुक्त किया है। मेरा यह सौभाग्य है कि महामना की बगिया से जुडऩे का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि बीएचयू शताब्दी वर्ष में भारत अध्ययन केन्द्र पुरानी संस्कृति को जोड़ने , ढूंढने और सहेजने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है । पुरानी संस्कृति को सहेजकर चलना ही मेरा संकल्प है। दीपावली के बाद मैं बाबा श्रीकाशी विश्वनाथजी और महामना पंडित मदनमोहन मालवीय जी का आशीर्वाद लेकर चेयर प्रोफेसर का पदभार ग्रहण करूंगी।