--- हरेन्द्र शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार, वाराणसी।
☆ नये प्राक्टोरियल बोर्ड में 12 अध्यापिकाओं को तरजीह
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में पिछले दिनों छात्राओं पर लाठीचार्ज की घटना के बाद भंग किए गए प्रॉक्टोरियल बोर्ड का पुनर्गठन किया गया है। बीएचयू के असिस्टेंट रजिस्ट्रार (प्रशासन) की ओर से बुधवार को जारी अधिसूचना के अनुसार महिला चीफ प्रॉक्टर प्रो• रोयना सिंह की नियुक्ति के बाद अब प्रॉक्टोरियल बोर्ड में चीफ प्राक्टर सहित कुल 13 अध्यापिकाओं को शामिल किया गया है। नये प्राक्टोरियल बोर्ड की गठन में जहां जुगाड़ तकनीकी से घुसे लोगों को प्रशासन ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है वही 31 सदस्यीय प्राक्टोरियल बोर्ड में नये चेहरों को तरजीह दी गई है।
डिप्टी चीफ प्रॉक्टर व प्रॉक्टर पद पर डा• निर्मला होरा, डा• शारदा सिंह, डा• आभा पाठक, डा• सुजाता गौतम, डा• सीमा तिवारी, डा• गीता राय, डा• विनिता, डा• जसविंदर कौर ,डा• किरन गिरी ,डा• इंद्रा तिवारी, डा• सिद्धदात्री भारद्वाज और डा• अंचल सिंह को नियुक्त किया गया है।
विश्वविद्यालय के इतिहास में जहां पहली बार महिला चीफ प्राक्टर के रुप में प्रो• रोयना सिंह को नियुक्त किया गया वही पहली बार प्राक्टोरियल बोर्ड में एक साथ पहली बार 12 अध्यापिकाओं को डिप्टी चीफ प्राक्टर नियुक्त कर इतिहास रच दिया है। गौरतलब है कि छेड़खानी को लेकर आन्दोलित छात्राओं पर लाठीचार्ज के बाद चीफ प्रॉक्टर प्रो• ओ• एन• सिंह ने गत 26 सितंबर को इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के बाद प्रॉक्टोरियल बोर्ड भी भंग हो गया था। इसके दो दिन बाद ही प्रो• रोयना सिंह को विश्वविद्यालय का चीफ प्रॉक्टर नियुक्त किया गया, लेकिन कुलपति प्रो• जी• सी• त्रिपाठी को छुट्टी पर जाने के बाद नये प्राक्टोरियल बोर्ड के गठन पर मुहर नहीं लग पाई थी। बुधवार को कार्यकारी कुलपति डा• नीरज त्रिपाठी ने नए प्रॉक्टोरियल बोर्ड के गठन को मंजूरी दी है।