ग्रामीण भारत में कार्य के अवसर विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक है : अंशुला कांत



काशी, 17 जुलाई 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

आत्मविश्वास कोई जादू नहीं जो एक दिन में हो जाए बल्कि निरंतर किए गए अपने मंज़िल के लिए अभ्यास से विकसित होता है। कुछ ऐसे ही विचार थे वर्ल्ड बैंक की एम•डी• और सी•एफ•ओ• (चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर) अंशुला कांत के, जो मंगलवार यहाँ प्रबंध संस्थान, बीएचयू में उपस्थित थी। उन्होंने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के शत्रारंभ तथा छह दिवसीय अधिस्थापन का बतौर मुख्य अतिथि उद्धाटन किया। लेडी श्री राम कॉलेज से स्नातक और दिल्ली स्कूल ऑफ़ ईकोनॉमिक्स से स्नातकोत्तर के बाद अंशुला जी ने सन 1983 में एसबीआई में पीओ के पद पर जॉइन किया था। उन्होंने नए छात्रों को भारत की अर्थव्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण भारत में कार्य के अवसर विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक है। विकास-कार्य गति पकड़ रहे है। प्रधानमंत्री के कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि उनकी गरीबों के लिए चलायी गयी योजनाएँ जैसे कि ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’, ‘डिजिटल इंडिया’, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अन्य योजनाएँ कैसे भारत के गाँवों की वित्त-व्यवस्था को रफ़्तार पकड़ने में मदद कर रही है। साथ ही ये भी बताया कि एसबीआई एक सरकारी बैंक होने के नाते ग्रामीण भारत के विकास में किस प्रकार से सरकार के योजनाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है।

एक छात्र के पूछने पर कि क्या वो अपने आप को भाग्यशाली मानती है कि आज वो इतने बड़े ओधे पर है? इसके जवाब में अंशुला जी ने आत्मविश्वास भरे स्वर में कहा कि कोई भी इंसान भाग्यशाली नहीं पैदा होता है, परंतु उसे अपना भाग्य खुद बनाना होता है।

अध्यक्षता करते हुए बीएचयू कुलपति प्रो• राकेश भटनागर ने नवागंतुक विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए बधाइयाँ दी। उन्होंने बताया कि प्रबंध किस प्रकार से हमारे रोज़-मर्रा के कामों को आसान बना देता है। साथ ही उन्होंने टाइम-मैनेजमेंट के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उद्यमिता के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए बताया कि प्रबंध संस्थान में ‘अटल इंक्युबेशन सेंटर’ मौजूद है जहाँ विद्यार्थी अपने उद्यमी स्वरूप को दिशा दे सकते है।

अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान के निदेशक प्रो• एस• के• दूबे ने उपलब्धियों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को प्रेरणा देते हुए कहा कि उनको अपने अंदर सीखने की योग्यता और ललक विकसित करनी है। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा में दूसरों की नकल ना करे।

धन्यवाद ज्ञापन प्रो• पी• एस• त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर संस्थान के छात्र सलाहकार डॉ• शशि श्रीवास्तव, प्रो• आशीष वाजपेयी प्रो• आलोक राय, प्रो• पी• वी• राजीव, डॉ• राजकिरण प्रभाकर, डॉ• अमित गौतम, डॉ• अनिंदिता चक्रवर्ती आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय प्लेस्मेंट-सेल के समन्वयक प्रो• एच• पी• माथुर ने किया।

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