हावड़ा : तिरंगा रैली पर पुलिस की सख्ती से नाराज हुए लोग



प्रकाश पाण्डेय, हावड़ा,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● पुलिस पर लगाया सियासी इशारे पर काम करने का आरोप, तिरंगा थामे शख्स को हिरासत में लिए जाने पर बिफरे आमजन

हावड़ा जिले के लिलुआ में सड़क पर तिरंगा लेकर निकले उमेश कुमार शर्मा को पहले पुलिस ने धमकी दी और उनकी धमकी की परवाह न करने की सूरत में उन्हें खींचते हुए पुलिस वैन में बैठा थाने लेकर चले गए। हालांकि इस दौरान वह लगातार विरोध करते रहे व भारत माता की जय के उद्घोष लगता रहे। पुलिसिया इस अनैत की कड़ी में उनके कपड़े तक फट गए, लेकिन उन्होंने भी हार नहीं मानी, बल्कि सालीन व सभ्य तरीके से एक भारतीय नागरिक के हक हुकूक और तिरंगे के प्रति सम्मान की दुहाई देते रहे।

खैर, विडंबना ही है कि जम्मू-कश्मीर से हटे अनुच्छेद 370 की मुखालफत कर रही राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राज्य में अब सरेआम सड़क पर तिरंगा लेकर घुमने वालों को पुलिस हिरासत में ले रही है। दरअसल, गुरुवार को 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हावड़ा के लिलुआ स्थित जीटी रोड बड़ा गेट से अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हावड़ा हिंदू चेतना मंच के अध्यक्ष सूर्यभान गुप्ता के नेतृत्व में राष्ट्र गान के उपरांत अभय गुहा रोड से निकली तिरंगा रैली को जीटी रोड पर पुलिस कर्मियों ने रोक दिया। इसके बाद रैली में शामिल लोगों को धमकियां देनी शुरू कर दी। इस दौरान रैली की अनुमति से संबंधित कागजात दिखाने को कहा। इस पर संस्था के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने अनुमति के लिए आवेदन किया था, लेकिन ऐन वक्त पर पुलिस अधिकारियों ने यह कहते हुए अनुमति देने से इन्कार कर दिया कि फिलहाल उनके पास सुरक्षा देने को पुलिसकर्मी नहीं हैं।

इधर, पुलिस के इस व्यवहार पर पीड़ित उमेश कुमार ने कहा कि बंगाल और भारत को पृथक करने की सियासी साजिश की जा रही है और इसकी बानगी स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित हिंदू चेतना मंच की तिरंगा रैली के दौरान देखने को मिली। उन्होंने कहा कि उन्हें हिरासत में लिए जाने पर उनके अन्य साथियों द्वारा इसका पुरजोर विरोध किया गया और यही कारण है कि थाने ले जाने के बाद उन पुलिस कर्मियों के रूख में तब्दीली दिखी, जो उन्हें हिरासत में लेने के दौरान डरा धमका रहे थे।

हालांकि संस्था के पदाधिकारियों व स्थानीय वरिष्ठ नागरिकों के विरोध को देखते हुए हिरासत में लिए गए शख्स को आखिरकार छोड़ना पड़ा। इस पूरे मसले पर मीडिया कर्मियों से मुखातिब हुए बेलुर थाना के ओसी ने कहा कि पिछली शिकायतों व वर्तमान में सुरक्षा सुनिश्चित कराने में असक्षम होने की स्थिति में हमने अबकी हावड़ा हिंदू चेतना मंच को रैली न निकालने को कहा था, बावजूद इसके जबरदस्ती किए जाने पर उमेश कुमार शर्मा नाम के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें कुछ घंटे के बाद छोड़ दिया गया।

वहीं संस्था के अध्यक्ष सूर्यभान गुप्ता ने कहा कि पुलिस चाहे जो भी कहे, हकीकत तो यही है कि राज्य व बेलुर थाने की पुलिस सियासी इशारों पर काम कर रही है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा बंगाल को पाकिस्तान में तब्दील करने की चाह रखने वालों ने भले ही इस रैली को रोक तिरंगे का मान कमतर करने की कोशिश की हो, लेकिन इस मुल्क की आन-बान-शान की पहचान हमारे तिरंगे की रक्षा को हावड़ा हिंदू चेतना मंच का हर सदस्य अग्रसर है और आगे भी रहेगा।

संस्था के सचिव दिलीप गिरि ने कहा अब पुलिस से नहीं, बल्कि तिरंगा रैली के आयोजन को कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

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