सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती नहीं देंगे इकबाल अंसारी



नई दिल्ली,
उत्तर प्रदेश,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

लगभग 70 वर्षो से अयोध्या में विवाद की वजह से राजनीति हो रही है और मैं उम्मीद करता हूं कि शहर में कुछ विकास होगा। बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा है कि वह राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को स्वीकार करेंगे। फैसले को चुनौती देने वाली कोई याचिका दाखिल नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह खुश हैं कि मामला अब अपने तार्किक अंजाम तक पहुंच रहा है। बता दें कि इकबाल अंसारी के पिता हाशिम अंसारी बाबरी मस्जिद मामले में सबसे पुराने वादी थे।

श्री अंसारी ने कहा कि वह अपने पिता द्वारा शुरू की गई लड़ाई और उनके द्वारा किए गए वादे को अंजाम तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने बताया कि मेरे पिता की मौत जुलाई 2016 में हुई। वह 95 वर्ष के थे। वह एक दर्जी के रूप में काम करते थे और बाद में फिर साइकिल मरम्मत करने की दुकान खोली। वह बाबरी मस्जिद मामले से 1949 से जुड़े हुए हैं। उन्हें 1952 में विवादित स्थल में नमाज अदा करने के लिए दो वर्ष की कारावास की सजा सुनाई गई थी।

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