मंत्रीजी का निर्देश ठेंगे पर, व्रती महिलाओं ने कीचड़ में ही दिया दिनकर को अर्ध



--- हरेन्द्र शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार, वाराणसी।

☆ गढवाघाट से राजघाट तक रहा गंदगी का साम्राज्य, प्रशासन को कोसते दिखे लोग

वाराणसी : सूर्योपासना का महालोकपर्व छठ पूजा में अबकी बार व्रती श्रद्धालुओं ने गंदगी और कीचड़ में खड़े होकर भगवान दिनकर को अर्धय दिया। जबकि इस लोकपर्व में स्वच्छता का भी अपना एक अलग महत्व है। छठ पूजा के एक दिन पूर्व राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी जिला एवं नगर निगम के अधिकारियों के साथ घाटों का दौराकर छठ पूजा के मद्देनजर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो और विशेष रुप से साफ-सफाई का निर्देश भी दिया था लेकिन मंत्री जी का निर्देश नगर निगम और जिला प्रशासन पर बेअसर रहा। गंदगी और कीचड़ में तमाम दुश्वारियों को झेलकर आस्थावान श्रधालुओं ने लोकपर्व मनाया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी लोकपर्व छठ पूजा बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। प्रशासनिक लापरवाही एवं चुनावी वर्ष न होने के कारण नेताओं की उदासीनता इस कदर रही कि काशी के गढवाघाट से लेकर लगभग 7 किलोमीटर में अवस्थित 84 घाटों पर गंदगी और कीचड़ का साम्राज्य रहा।

खास बात यह भी रही कि प्रधानमंत्री के काशी दौरे के एक सप्ताह पूर्व से ही झाड़ूबाजी करने वाले लोग भी दूर दूर तक गंदगी और कीचड़ के खिलाफ आवाज बुलंद करते नजर नहींं आये।

प्रशासनिक अमले के इस लापरवाही का नुकसान व्रती महिलाओं को उठाना पड़ा। व्रती महिलाएं प्रशासन को कोसती नजर आई। प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान के साथ ही नगर निगम के स्वच्छता को लेकर तमाम दावों पर सवाल उठना लाजिमी है। चार दिवसीय इस लोकपर्व पर स्वच्छता का विशेष ध्यान दिया जाता है। बताते चलें कि गंगा घाटों की साफ-सफाई और प्रति वर्ष आने वाले बाढ़ के कारण सीढ़ियों पर जमें सिल्ट की साफ-सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम की है। बाढ़ का पानी भी लगभग एक माह पूर्व से ही घाट की सीढ़ियों से उतर गया था लेकिन बेसुध पड़े नगर निगम ने सिल्ट हटाने की जहमत नहींं उठायी। ऐसे में 4 नवबंर को देव दीपावली का भी पर्व है। जहां घाट की सीढ़ियों और गंगाजी में तैरते दीपों की लौं की अनुपम छटा निहारने के लिए देशी-विदेशी पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोगों का हुजूम घाटों पर दीपों की अठखेलियाँ देखने के लिए उमड़ पड़ता है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी काशी दौरे के दौरान काशी में दीपदान करने की सहमति भी दे दी है। अब देखना है कि प्रशासन घाटों से बाढ़ का सिल्ट हटाता है या देव दीपावली में भी छठ वर्ती महिलाओं सरीखा दुर्दशा का शिकार श्रधालु होते हैं।

◇ भीषण जाम से हलकान रहे श्रद्धालु ◇

यातायात विभाग की ओर से छठ पूजा के मद्देनजर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया प्लान सिर्फ कागजों और अखबारों तक ही दिखा। सामनेघाट, अस्सीघाट, तुलसीघाट, राजघाट, भैंसासुरघाट ,नदेसर स्थित वरुणा नदी सहित दर्जनों स्थानों पर भीषण जाम से छठ पूजा की व्रती महिलाओं को जुझना पड़ा। जाम का आलम यह था कि सड़कों पर लगे भीषण जाम को सुचारू यातायात संचालित करने वाले यातायात विभाग सिपाही तक नजर नहींं आये। यातायात पुलिस के जवान घाट जाने वाले रास्ते पर ही लगे बैरियर पर मुश्तैद दिखे।

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