बिहार सरकार बहुत जल्द 54 फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करने जा रही है



---अभिजीत पाण्डेय,
सचिव, इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स।

बिहार सरकार बढ़ते व लंबित रेप के मामलों को लेकर बहुत जल्द 54 फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करने जा रही है। सूत्रों की बात माने तो जिन जिलों में पॉक्सो या रेप के लंबित मामलों की संख्या 100 या इससे ज्यादा है वहां एक कोर्ट और जहां संख्या 200 के पार है वहां दो या तीन फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किये जाने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने 54 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है जिनमें से 30 कोर्ट सिर्फ पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिये होगा। जबकि 24 कोर्ट में रेप के मामलों की सुनवाई की जाएगी। प्रस्ताव कैबिनेट में रखा जायेगा और कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही गठन किया जायेगा।

मुजफ्फरपुर में भी रविवार को अपराधियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। रेप के प्रयास में विफल होने पर एक युवती को जिंदा जला दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार पीड़िता का 90 फीसदी शरीर बुरी तरह से जल गया। उसकी हालत गंभीर है और उसे पटना रेफर किये जाने की संभावना है।

महिला के प्रति अपराध पर बिहार देश में 23वें स्थान पर है। लेकिन बिहार में कोर्ट की कमी के कारण पीड़िताओं को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। बिहार में पिछले 10 साल में रेप के 7382 मामले आए हैं जिनमें से करीब 50 फीसदी मामले लंबित हैं। पिछले एक साल में करीब 3369 मामले पॉक्सो से जुड़ा हुआ दर्ज किया गया है जिनमें से 2194 मामले लंबित हैं।

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