---अंशू आंचल,
अम्बेडकरनगर-उत्तरप्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
देश में सी•ए•ए• के लागू होने और एन•आर•सी• के दस्तक पर देश में प्रोटेस्ट की लहर सी आ गई है। कुछ सी•ए•ए• और एन•आर•सी• के विरोध में प्रदर्शन तो वहीं समर्थन में भी प्रर्दशन।
और प्रर्दशन करने वाले देश के कुछ ऐसे नागरिक जो कि सी•ए•ए• और एन•आर•सी• के बारे में जानते भी नहीं।
और इन सब प्रर्दशन के बीच कुछ हिंसात्मक गतिविधियों का सीधा असर पड़ रहा है माध्यमिक और इण्टरमीडिएट की तैयारियों पर।
दिसम्बर का महीना खत्म होने की राह पर है पर ऐसा लगता है कि इस बार इन छात्रों की किसी को परवाह ही नहीं है। मां-बाप व्यस्त हैं प्रोटेस्ट में, शिक्षक और छात्र-छात्राएं व्यस्त हैं इन सब पर चर्चाओं में। ऐसा लग ही नहीं रहा कि किसी को भी परवाह है कि इस बार भी हर बार की तरह मार्च महीनों से माध्यमिक और इण्टरमीडिएट परीक्षा प्रारम्भ होगीं। दिन भर राजनीतिक पार्टियां और राजनीतिक सदस्य कुछ का कुछ बोलेंगे और हम सभी मसगूल हैं किसने सही कहा, किसने गलत कहा, सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने में।
हम मानते हैं कि देश का ये माहौल पढ़ाई में बाधा डाल रहा है। पर अनुरोध करते हैं देश की आम जनता से, देश के गार्जियंस से, देश के सीनियर्स से कि अपना ध्यान थोड़ा सा इन छात्रों पर देश के कर्णधारों पर भी दें। राजनीति का जरा भी सम्बन्ध इन छात्रो से नहीं होता। लेकिन फिर भी सीधा असर इन छात्रों पर पड़ रहा है। ध्यान दें छात्रों की आने वाली परीक्षाओं की तैयारियों पर।
गार्जियंस से अनुरोध है कि अगर स्कूल कालेज बन्द हैं तो घरों पर पठन पाठन का माहौल बनाए। छात्रों को नोट्स आदि तैयार करवाने में घर पर मदद करें। जितना पढ़ाया गया है स्कूल कालेजों में उसे स्कूल कालेजों के बन्द होने की स्थिति में रिवीजन करवाये।
सरकार से भी अनुरोध है कि इन मामलों का निस्तारण जल्द ही करने की कोशिश करें। जिससे कि छात्रों को अपने पठन पाठन में जल्द से जल्द सुचारू रूप से वापस लाया जा सके।
अध्यापकों से अनुरोध है कि इस माहौल में जबकि छात्रों की पढ़ाई पर एकाग्रता टूट रही है तो उनका सही मार्गदर्शन करें।
और छात्रों से ख़ास अनुरोध है कि देश के राजनीति को अपने पढ़ाई पर असर न पडने दें। राजनीति से मन हटाकर पढ़ाई की तरफ एकाग्र हो। मन लगाकर पढ़ाई करे। आने वाले परीक्षाओं की तैयारी करे। नोट्स बनाए। अध्यापकों से सीनियर्स से मदद लें।