वाराणसी-उत्तर प्रदेश,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
पूरे देश में इंडियन डेन्टल एसोसिएशन द्वारा राष्ट्रीय डेन्टिस्ट दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। पूरे देश में इण्डियन डेन्टल एसोसिएशन की कुल 36 राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश की शाखायें तथा 600 से अधिक स्थानीय शाखाएं हैं एवं 75000 से ज्यादा सदस्य हैं।
उत्तरप्रदेश इंडियन डेन्टल एसासिएशन के अध्यक्ष प्रो• टी• पी• चतुर्वेदी ने बताया कि 1920 में पहला डेन्टल काॅलेज खोला गया था, आज 100 वर्ष पूरा होने पर यह दिवस मनाया जा रहा है जोकि दन्त चिकित्सा विज्ञान संकाय के आर्थोडोन्टिक विभाग में एक कार्यक्रम के तौर पर आयोजित किया गया। प्रो• चतुर्वेदी ने बताया कि लोगों को छोटी सी छोटी जानकारी जैसे ब्रश करने का तरीका, ब्रश करने का समय और ब्रश उपयोग के बाद तीन महीने बाद उसे उपयोग में न लाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि हमेशा मुलायम ब्रश उपयोग करना चाहिए। तथा उसे साफ सुथरे जगह पर रखना चाहिए। जिससे वातावरण के हानिकारक विषाणु और जीवाणु मुँख में न जाये और मुख का स्वास्थ्य बना रहे।
ब्रश का अगला शिरा गोल रहना चाहिए तथा आगे से मड़े हुए लचीले ब्रश का उपयोग करना चाहिए। ये जानकारी छोटी अवश्य है परन्तु मुख के स्वास्थ्य के लिए अत्यन्त आवश्यक है।
इस अवसर पर डाॅ• अजीत ने डेन्टल उपचार का जीने की गुणवत्ता पर प्रभाव व उसके महत्वता की बात की। डाॅ• पवन ने दन्त चिकित्सा की समाज में जागरूकता पर अपनी बात रखी।
इस अवसर पर प्रो• चतुर्वेदी ने समस्त दन्त चिकित्सकों व छात्रों को बधाई दी और दन्त चिकित्सा को बढ़ावा देने का सभी से अनुरोध किया। कार्यक्रम में डाॅ• शिवम, डाॅ• दीपक, डाॅ• परिनिता, डाॅ• स्नेहा, डाॅ• सुभाष एवं डाॅ• रोजालीन आदि मौजूद रहें।