लखनऊ-उत्तर प्रदेश,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
‘मनुष्य लय लेकर पैदा होता है, भाषा तो उसे बाद में मिलती है और सबसे अच्छी भाषा कविता में आती है।’ हिन्दी के प्रख्यात कवि नरेश सक्सेना ने डॉ• फूलकली पूनम’ के ताज़ा गजल संग्रह ‘बोलती रोशनाई’ के विमोचन के अवसर पर यह बात कही।
मुद्रक प्रिंटर्स के तत्वावधान में यूपी प्रेस क्लब, तुलसी सिनेमा के निकट, हजरतगंज, लखनऊ में 19 जनवरी दिन रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ• फूलकली ‘पूनम’ के गजल संग्रह पर अपनी बात रखते हुए नरेश सक्सेना ने कहा कि इस ग़ज़ल संग्रह में डॉक्टर फूलकली ने अपने भाव को बेहद सुंदरता से रखा है। हाँ, पहला संग्रह होने के कारण इसमें कुछ त्रुटियाँ रह गई हैं, इस पर भविष्य में ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात की आश्वस्ति जतायी कि डॉ• पूनम में संभावनाएँ हैं। वे बेहतर रच सकती हैं।
अपने लेखकीय वक्तव्य में डॉ• फूलकली ‘पूनम’ ने कहा कि साहित्य-सृजन द्वारा मनुष्य अपने अंतर्मन में छुपे भावों को कागज पर उतारता है। कई बार लेखनी से कुछ ऐसे भाव प्रवाहित जो जाते हैं जो कालजयी बन जाते हैं और समाज के लिए हर समय प्रासंगिक होते हैं।
उल्लेखनीय है इस गजल-संग्रह में यथार्थपरक, प्रेम-आधारित और संदेशपरक ग़ज़लों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों में कृषि वैज्ञानिक व कवि-कहानीकार डॉ• रामकठिन सिंह, साहित्यकार राम मनोहर मिश्र (आई•ए•एस•), ग़ज़लकार हीरालाल (आई•पी•एस•), कवि-कथाकार तरुण निशांत आदि ने अपने विचार रखे।
इस अवसर पर इंडिया इनसाइड पत्रिका के सम्पादक अरुण सिंह, पूर्व सांसद रामनारायन साहू, पूर्व छात्रनेता व अधिवक्ता सत्येन्द्र मिश्र समेत तमाम साहित्य प्रेमी शामिल हुए।
पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल, भारत सरकार, एडवोकेट आर• पी• शुक्ला ने डॉक्टर फूलकली 'पूनम' के जीवन-संघर्षों को रेखांकित करते हुए कहा कि तमाम संघर्ष करते-सहते हुए यह मुक़ाम हासिल करना बड़ी बात है, जिसे शायरा ने बख़ूबी हासिल किया। उन्होंने कहा कि जनपद सुल्तानपुर की विभूति की पुस्तक का प्रदेश स्तर पर विमोचन हो रहा है। यह बहुत ही हर्ष का विषय है।
कार्यक्रम में विशिष्टजनों को शॉल व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। आयोजन का कुशल संचालन कार्यक्रम संयोजक एडवोकेट आर• पी• शुक्ला ने किया।