हावड़ा-प• बंगाल,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
भारतीय जनता पार्टी के नेता उमेश राय ने लोगों के समक्ष अपने दिल की बात को रखा है। उन्होंने बताया कि आज के इस वैश्विक महामारी के समय मे जब दुनिया का हर व्यक्ति डरा और सहमा हुआ है। जब उसको अपने भविष्य की कोई जानकारी साफ नही दिख रही है। तब जब देश का हर व्यक्ति अपने रोजगार, नौकरी और अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है।
उन्होंने कहा कि जब निम्न मध्यवर्गीय परिवार भोजन के लिये मोहताज़ फिर रहे है। रोज कमाने खाने वालों पर तो जैसे आफत का पहाड़ गिर पड़ा है। अपने बच्चों के लिये दूध तो दूर ठीक से भोजन भी नही जुटा पा रहे है लोग।
महामारी से बचने के लिये घर मे दुबककर बैठे लोगों के लिये आशा की किरण है समाज के धनिक। वो धनिक जो भागवत कथा के नाम पर वर्ष भर में कई करोड़ रूपए खर्च करते है, खूब नाचते है, आनंद करते है। सावन के मेले में श्रद्धालुओं के लिये कैम्प लगाते है, गंगासागर मेला में लाखों खर्च करते है, हर धार्मिक अनुष्ठानों में लाखों लाख रुपये खर्च करते है, गर्मियों में अपने पूर्वजों के नाम पर प्याऊ चलवाते है और कहते है इससे पुण्य मिलेगा।
धनिक तुम इस विषम परिस्थिति में घर मे दुबक के क्यों बैठे हो? क्या तुम्हे अपने धन के सुरक्षा की चिंता है?
तो जान लो यह धन कभी किसी का नहीं हुआ है।
आज थोड़ा नजर उन देशों की ओर दौड़ा लो जो तुमसे बहुत आगे और संपन्न है। इटली, फ्रांस, अमेरिका, ईरान, ब्रिटेन, चीन के हज़ारों हज़ार करोड़पति और अरबपति अपना सब कुछ यही छोड़ कर इस दुनिया से चले गये। सब बर्बाद हो गया। न कोई खाने वाला न खिलाने वाला बचा है।
आज की परिस्थिति में मानवता यही कहती है कि मुसीबत के समय इंसान को इंसान के काम आना चाहिए। आप चाहे जितने बड़े धनिक हो और आपके घर के आसपास कोई अपने परिवार के साथ भूखा मर गया तो तुम्हारा जीवन व्यर्थ है।
पुण्य प्राप्ति के लिये नरसेवा को हर युग में प्राथमिकता दी गयी है। क्या चला जायेगा तुम्हारा। जितना है उसमें थोड़ा कम हो जाएगा लेकिन जिनके पास कुछ भी नहीं उनका जीवन बच जाएगा।
हे धनिक, हृदय को बड़ा करो, दान से संपदा बढ़ती है, घटती नही। इस विषम परिस्थिति में अपने असहाय भाइयों के लिये हाथ बढ़ाएं।