हिन्दी साहित्य परिषद द्वारा ऑनलाइन श्रद्धांजलि सभा आयोजित



--सम्पदा झा,
कोलकाता-पश्चिम बंगाल, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

हिन्दी साहित्य परिषद द्वारा 26 अप्रैल 2020 को स्वर्गीय जयप्रकाश खत्री 'नवल' को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि सभा ऑनलाइन आयोजित की गई जिसमें संपूर्ण भारत के कवियों ने उन्हें अश्रुपूरित और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

स्व• नवल जी ने हमेशा से लोगों को साहित्य में रुझान लेने एवं साहित्य की सर्जना को प्रोत्साहित किया है। उनके प्रयासों से लगभग 300 से अधिक कवियों की रचनाओं का प्रकाशन भी किया गया है। उन्होंने अप्रस्तू, नवागत, स्वर समवेत, स्वर समरथ, प्रतिध्वन, प्रतिध्वनि 2002 जैसे कई मंचों का सृजन भी किया जो निरंतर साहित्यिक क्रियाकलापों के संपादन में संलग्न रहते हैं।

हिन्दी साहित्य परिषद् के राष्ट्रीय महासचिव संजय शुक्ल ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हिन्दी साहित्य को नवल जी के जाने से एक अपूरणीय क्षति हुई है, युवा साहित्यकारों को वो सदा प्रोत्साहित किया करते थे। नवल जी युगो-युगो तक अमर रहेंगे। हिंदी साहित्य परिषद् नवल जी को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

हिंदी साहित्य परिषद द्वारा आयोजित शोक सभा में नवल जी की पुत्री अदिति सम्मिलित हुईं जिन्हें ढांढस बांधते हुए सभी ने अपने संवेदना प्रकट की। नवल जी के पुत्र अनुराग भी इस शोक सभा में शामिल हुए और गमगीन साहित्य जगत के उनके शुभचिंतकों से अपने मन की बात साझा करते हुए कहा कि उनके जैसा बनने के लिए हर इंसान को उनकी तरह उच्च विचारों का होना पड़ेगा अगर आप सभी उन्हें हमारे बीच जीवित रखना चाहते हैं तो उनकी रचनाओं को पढ़ें और प्रोत्साहित करें।

कोलकाता से लखबीर सिंह निर्दोष ने कहा कि वह उनके अच्छे मित्र थे, मित्र से बढ़कर उन्हें अपना भाई समझते थे।

रंजीत भारती ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते वक्त यह कहा कि वह बहुत ही विनम्र स्वभाव के इंसान थे ।

हिंदी साहित्य परिषद झारखंड प्रदेश अध्यक्ष स्नेहा राय ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए यह कहा कि अच्छे लोग अच्छे साहित्यकार कभी मरते नहीं और वरिष्ठ साहित्यकार नवल जी अपने जिस्मानी स्वरूप से तो आजाद हो गए हैं लेकिन वह हमेशा हमारी यादों में हमारे दिल में उनकी यादें हमेशा रहेगी।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अंजनी कुमार राय ने यह जानकारी दिया कि इस शोक सभा कार्यक्रम में हिंदी साहित्य परिषद से जुड़े अन्य साहित्यकार भी विभिन्न प्रदेशों जैसे पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसढ़ और बिहार से अपनी अपनी श्रद्धांजलि नवल जी को अर्पित करने के लिए ऑनलाइन उपस्थित थे।

गिरधर राय, नीता अनामिका, आलोक चौधरी, रीमा पांडे, आदित्य त्रिपाठी, काली प्रसाद जायसवाल, अल्पना सिंह, मीनू मीना सिन्हा, गीता चोबे, अनुराधा सिंह, कल्याणी झा, श्वेता किष्नौत, रूना रश्मि, नंदनी प्रणय, नसीम अख्तर, विजय कल्याणी तिवारी, संतोष तिवारी और तारक नाथ दुबे भी शामिल थे।

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