--हरेन्द्र शुक्ला,
वाराणसी-उत्तर प्रदेश,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
शहनाई के शहंशाह भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के पौत्र नासिर अब्बास पिछले 45 दिनों से कोलकाता में फंसे हैं। उन्हें वापस लाने के लिए हाल में पत्नी नाहिद जहरा ने जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा से अपील की थी। वहीं शनिवार को उन्होंने मदद के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा है।
नासिर अब्बास 19 मार्च को अपने मामा के ईसाले सवाब कार्यक्रम में शामिल होने कोलकाता (18 कोलू टोला स्ट्रीट नियर कैनिंग स्ट्रीट) गए थे। कोरोना से बचाव के क्रम में देशव्यापाी लॉकडाउन लागू होने के कारण वहीं फंसकर रह गए। पत्नी नाहिद के मुताबिक उनके तीन बच्चे हैं, जो अभी छोटे हैं। परिवार की देखभाल के लिए कोई नहीं है। जिला प्रशासन से भी अपील की गई थी, लेकिन ठोस पहल न होने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया। कहा उनके पति को पर्यटकों, प्रवासी मजदूरों, छात्रों की तरह ही भेज दिया जाए। यहां आने पर वो अपनी जांच भी कराएंगे और जरूरत पड़ी तो 14 दिन मेडिकल क्वारंटाइन में भी बिताएंगे। उनके वापस आ जाने से परिवार को आत्मबल मिलेगा।
उस्ताद के परिवार के ही एक सदस्य ने बताया कि जिला प्रशासन के मशविरे के बाद बंगाल की सीएम को पत्र लिखा गया है। मदद के लिए हमने ट्वीट भी किए हैं और सोशल साइट्स पर अभियान भी चलाया है। कहा यह बड़ी हैरान करने वाली बात है कि भारत रत्न के परिवार का एक सदस्य दूसरे प्रांत में फंसा है और मदद के लिए अभी तक किसी ने पहल तक नहीं की है।