बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो• पंजाब सिंह के नेतृत्व में फॉर्ड फाउंडेशन की टीम ने गॉंवों का किया निरीक्षण



सोनभद्र-उत्तर प्रदेश,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● सोनभद्र के किसानों को वैज्ञानिक खेती करने एवं आर्थिक आत्मनिर्भर बनने पर दिया जोर

भारत सरकार के जैव प्रोद्योगिकी विभाग द्वारा वित्तपोषित एवं फॉर्ड फाउंडेशन व आई.सी.ए.आर. - आई.आई.वी.आर. की ओर से संचालित बॉयोटेक-किसान परियोजना के लिए चयनित चार आकांक्षी जिलों में से एक सोनभद्र का फॉर्ड फाउंडेशन के सदस्यों ने 04 जुलाई 2020 को जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया। इस दौरान फार्ड फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं काशी हिन्दू विश्विद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर पंजाब सिंह, आई.आई.वी.आर. के निदेशक व परियोजना अन्वेषक डा• जगदीश सिंह, कृषि विज्ञान संस्थान, बीएचयू के पूर्व निदेशक प्रोफेसर शिवराज सिंह, वैज्ञानिक एवं परियोजना के अन्वेषक डॉ• नीरज सिंह, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं परियोजना के सह अन्वेषक डॉ• संतोष कुमार सिंह, फॉर्ड फाउंडेशन के ट्रस्टी डॉ• उमेश सिंह, राजेश्वरी रिसर्च फाउंडेशन के सचिव डॉ• विनोद कुमार सिंह व एफ.पी.ओ. सोनवैली बायो एनर्जी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के सत्य प्रकाश देव पांडेय सहित अन्य लोगों ने किसानों से तकनीकी खेती करने एवं अपनाने पर जोर दिया।

टीम ने सोनभद्र के गौरही, होना, रतवल आदि गॉंवों का निरीक्षण किया व लाभान्वित किसानों से उनके समस्याओं के कारण व निवारण पर विस्तृत चर्चा की। गौरतलब है कि इस कार्यक्रम के अंर्तगत वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं और खेतों के बीच सीधे संबंध की स्थापना पर कार्य किया जा रहा है।

इस बाबत काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं फॉर्ड फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो• पंजाब सिंह ने बताया कि फॉर्ड फाउंडेशन कृषि क्षेत्र से जुड़े एवं इससे नए जुड़ने वाले किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की दिशा में कार्य कर रहा है, जिससे किसानों में जागरूकता का विस्तार हो और उनको नई तकनीक की जानकारी मिल सके। प्रोफेसर सिंह ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत चयनित गाँव को मॉडल गाँव के रूप में विकसित किया जायेगा। प्रो• पंजाब सिंह ने बताया कि किसानों के चहुमुखी विकास के लिए कृषि को बढ़ावा देने के साथ ही किसानों के स्वास्थ्य एवं उनके बच्चो की शिक्षा तथा अपने क्षेत्र में रोजगार सृजित करने पर बल दिया जाएगा। उन्होंने कृषक उत्पादक संगठनों (एफ़.पी.ओ.) द्वारा किसानो का क्लस्टर बनाकर कृषि उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने की बात कही। नर्सरी से रोपाई करने का कार्य प्रगति पर है। प्रोफेसर सिंह ने किसानों को मुर्गी, बकरी, मछली, मधुमक्खी पालन करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि बीज शोधन में इच्छुक किसानों को देश के प्रतिष्ठित संस्थाओं में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। जिससे उनकी आय में बृद्धि हो सके और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके।

आई.आई.वी.आर. के निदेशक डॉ• जगदीश सिंह ने बताया कि सभी चयनित जिलों के गाँवों में किसानों को धान के साथ सब्जी के बीजों का भी वितरण किया गया है।

कृषि विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व निदेशक व फॉर्ड फाउंडेशन के कोर ग्रुप के सदस्य प्रो• शिवराज सिंह ने बताया कि किसानों को परंपरागत खेती करने के साथ ही भारत सरकार के इस अति महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से नई तकनीक को अपनाने पर भी जोर देना है।

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं बॉयोटेक किसान परियोजना के सह अन्वेषक डॉ• संतोष कुमार सिंह ने औषधीय पौधों व उसकी उपयोगिता के विषय में जानकारी दी।

इस अवसर पर यंग प्रोफेशनल मधुकर पटेल, किसान विद्यापति, अनिल पाठक, प्रेम कुमार, जगनारायण यादव, संजय पाठक, चंद्रेश्वर पाठक आदि लोग उपस्थित थे।

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