--संजय पाठक,
वाराणसी-उत्तर प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों की ईमानदारी की मिशाल और उनकी त्वरित कार्रवाई की हमेशा चर्चा होती है। ऐसा ही कुछ कार्य किया आज सब इन्स्पेक्टर धर्मराज सिंह ने, जब एक बेटा कबीरचौरा अस्पताल में अपने पिता को डिस्चार्ज करवाने आया था और अपना रुपयों से भरा सूटकेस वार्ड में ही भूल गया था। रुपयों से भरा बैग गायब होने की शिकायत उक्त व्यक्ति ने कबीरचौरा चौकी पर किया। जिसके बाद चौकी इंचार्ज ने रुपयों से भरा सूटकेस ढूंढ कर भुक्तभोगी को वापस कर दिया। चौकी इंचार्ज कबीरचौरा धर्मराज सिंह की त्वरित परिणाम वाली कार्रवाई की क्षेत्रीय जनता में जमकर तारीफ हो रही है।
सूत्रों के अनुसार कोतवाली थाना अंतर्गत कबीरचौरा मंडलीय चिकित्सालय की पुलिस चौकी के इंचार्ज धर्मराज सिंह ने बताया कि आज सुबह हमारे पास बिहार के औरंगाबाद निवासी दिवाकर पांडेय आये थे और हमसे शिकायत की कि 29 जुलाई से एडमिट अपने पिता को वे वार्ड नंबर 1 की बेड नंबर 11 से डिस्चार्ज करवाने आये थे। इस दौरान वो अपना रुपयों से भरा सूटकेस बेड के बगल में मौजूद खिड़की पर भूल गए। उसमें 1 लाख 96 हजार रुपये थे।
इस संबंध में धर्मराज सिंह ने बताया कि सूचना पर हमने वार्ड में जाकर पूछताछ की और सभी पहलू पर जांच की तो अस्पताल के एक कर्मचारी पर शक गहरा गया। उससे कड़ाई से पूछताछ की गयी तो उसने बैग चुराने की बात क़ुबूल कर ली। इसक बाद उसके कब्ज़े से सूटकेस बरामद कर दिवाकर पांडेय को दे दिया गया।
चौकी प्रभारी धर्मराज सिंह के इस कार्य की प्रशंसा पुलिस विभाग और आम जनता में हो रही है।