शहरी यातायात चुनौतियों और उनके हल पर चर्चा : हैदराबाद तीन दिवसीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा



●☆● यातायात के विभिन्न साधनों के कारगर इस्तेमाल में समन्वय, यातायात तक सबकी पहुंच सुनिश्चित करना, जलवायु अनुकूल यातायात योजना पर चर्चा होगी

●☆● ‘समझदार, समावेशी और सतत गतिशीलता’ सम्मेलन की विषय वस्तु

●☆● 36 विदेशी शहरों सहित 86 शहरों की पहलों और अनुभवों पर चर्चा

●☆● हैदराबाद में सड़क सुरक्षा, यातायात आधारित विकास और ट्राम सेवाओं की शुरूआत पर परिचर्चा

●☆● पांच दक्षिणी राज्यों के महापौरों और नगर पार्षदों के लिए दो विशेष सत्र

●☆● 1000 अधिकारियों, 25 देशों और भारत के 20 राज्यों के विशेषज्ञों की भागीदारी

●☆● उपराष्ट्रपति एम• वेंकैया नायडू कल सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे, तेलंगाना के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी उद्घाटन सत्र में हिस्सा लेंगे

03 नवम्बर। पांच दक्षिणी राज्यों से महापौरों और नगर पार्षदों सहित लगभग 1000 नीति निर्माता, भारत के 20 राज्यों और 25 देशों के प्रशासक, विशेषज्ञ, शहरी योजनाकार, अनुसंधानकर्ता और प्रौद्योगिकी तथा सेवा प्रदाता हाइटेक्स सिटी हैदराबाद में तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान 04 नवम्बर से शहरों और नगरों में यातायात तथा गतिशीलता संबंधी विषयों, चुनौतियों और उनके निराकरण पर चर्चा करने जुटेंगे।

उपराष्ट्रपति एम• वेंकैया नायडू ‘शहरी गतिशीलता भारत सम्मेलन एवं प्रदर्शनी’ का 04 नवम्बर को उद्घाटन करेंगे। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के• चंद्रशेखर राव और केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे।

एम. वेंकैया नायडू जब केंद्र में आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्री थे तो पिछले वर्ष उन्होंने 10वें यूएमआई सम्मेलन और प्रदर्शनी के आयोजन के लिए हैदराबाद का चुनाव किया था। हैदराबाद 2008 में यूएमआई सम्मेलन की शुरूआत के बाद पहली बार इस सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। सम्मेलन का आयोजन केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, तेलंगाना सरकार और फ्रांस का यातायात संस्थान ‘कोदातू’ संयुक्त रूप से कर रहे हैं।

यूएमआई सम्मेलन का उद्देश्य शहरी यातायात, गतिशीलता विषयों और पूरी दुनिया के विभिन्न शहरों में यातायात की स्थिति की जानकारी देना और विचारों का आदान-प्रदान करना है। सम्मेलन के दौरान 36 विदेशी शहरों सहित भारत के 86 शहरों के यातायात संबंधी विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

विदेशी शहरों की स्थितियों पर भी चर्चा होगी, जिनमें बोदियो एवं ल्येन (फ्रांस), लूसेन (स्विट्जरलैंड), लिस्बन (पुर्तगाल), गौदालजारा (मेक्सिको), क्यूरितिबा (ब्राजील), बैंकॉक (थाइलैंड), सान्तियागो (चिली), कुस्तुंतुनिया (अल्जीरिया), केपटाउन (दक्षिण अफ्रीका), रबात (मोरक्को), ढाका (बांग्लादेश) आदि शामिल हैं।

भारतीय शहरों के अध्ययन को भी प्रस्तुत किया जाएगा और उस पर चर्चा होगी। इस अध्ययन में हैदराबाद संबंधी तीन विषय शामिल हैं- सड़क सुरक्षा, यातायात आधारित विकास और ट्राम सेवाओं की शुरुआत। इनके अलावा विजयवाडा में पार्किंग नीति, आयोजना और क्रियान्वयन; मैसूर, बेंगलुरु, चेन्नई, तिरूवनंतपुरम, वाराणसी, लखनऊ की पहलें एवं अनुभव; 2019 में इलाहाबाद में आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले के दौरान यातायात योजना तथा इंदौर, भोपाल, अमृतसर, मुंबई, पुणे, दिल्ली, चंडीगढ, कोलकाता आदि की स्थिति पर भी चर्चा होगी।

अगले तीन दिनों तक कुल 60 पूर्ण, विशेष और तकनीकी सत्र होंगे, जिनके दौरान यातायात निराकरण, समावेशी शहरी यातायात और सतत शहरी यातायात योजना जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। हैदराबाद सम्मेलन की प्रमुख विशेषता यह है कि महापौरों और नगर पार्षदों के दो विशेष सत्रों का आयोजन किया जाएगा। इन सत्रों में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के महापौर और नगर पार्षद जुटेंगे।

शहरों और राज्य सरकारों के लाभ के लिए नौ अग्रणी यातायात प्रौद्योगिकी और सेवा प्रदाता आधुनिकतम प्रौद्योगिकियों का प्रस्तुतिकरण करेंगे।

6 नवंबर दिन सोमवार को समापन सत्र के दौरान आवास एवं शहरी कार्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र हैदराबाद सम्मेलन के सुझावों और सिफारिशों को पेश करेंगे।

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