बिहार : एक दल की तुलना में गठबंधन की सरकारें अधिक स्थायी रहीं हैं



--अभिजीत पाण्डेय (ब्यूरो),
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

बिहार में एक दल की तुलना में गठबंधन की सरकारें केंद्र की तुलना में अधिक स्थायी रहीं हैं। बिहार में 14 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को जब-जब पूर्ण बहुमत मिला, तब उसने बड़े अंतर से चुनाव जीता। यह परिदृश्य 1985 तक कायम रहा।

गठबंधन की सरकार जब-जब बनी तब-तब वोट और सीट का अंतर काफी कम रहा। 1995 और 2010 के चुनाव अपवाद हैं। 1995 में लालू का गठजोड़ और 2010 में नीतीश के गठजोड़ के जीत का अंतर ठीक-ठाक था। बीते तीन दशक में बिहार में गठबंधन की सरकारें बनीं जरूर पर जीत का अंतर काफी कम रहा।

मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल के हिसाब से सिंगल पार्टी की मेजॉरिटी वाली सरकार अधिक अस्थिर रहीं हैं। 1990 में जब लालू सीएम बने तब जनता दल के साथ कई दल थे। 1995 में दोबारा जीतने के बाद वह आराम से 5 साल का कार्यकाल पूरा करने की स्थिति में थे, पर 1997 में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। तब राजद सरकार की कमान राबड़ी देवी के हाथ में आई।

बीच में लगे विवादास्पद राष्ट्रपति शासन को छोड़ दें तो राबड़ी ने 2000 तक अपना कार्यकाल पूरा किया। 2000 के चुनाव में राजद (कुछ दिन को छोड़कर) फिर सत्ता में आया। इसी वर्ष राज्य का विभाजन भी हुआ। 2005 में राजग की सरकार बनी और नीतीश सीएम बने जिन्होंने तीन कार्यकाल पूरा किया (बीच में मांझी के कार्यकाल को छोड़)। लालू, राबड़ी, नीतीश ने गठबंधन की ही सरकार चलाई। सभी स्थिर सरकारें रहीं।

इसके उलट जब-जब एक दल को बहुमत मिला, अक्सर बीच में ही मुख्यमंत्री बदल गया। 1952 से 1985 के बीच कांग्रेस को कई बार पूर्ण बहुमत मिला। कालखंड के हिसाब से यह अवधि 30 वर्ष की है और इस दौरान कांग्रेस के 13 मुख्यमंत्री बदले। 1972 से 1975 के बीच कांग्रेस ने 3 सीएम (केदार पाण्डेय, अब्दुल गफूर और डॉ• जगन्नाथ मिश्र) बदले।

1985-1990, जब कांग्रेस के पूर्ण बहुमत की अब तक की अंतिम सरकार बनी, उसमें भी सीएम बदलते रहे। बिन्देश्वरी दूबे, भागवत झा आजाद, सत्येन्द्र नारायण सिन्हा और डॉ• मिश्र इस कार्यकाल में सीएम बने। कांग्रेस का कोई सीएम 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर सका।

ऐसा नहीं कि कांग्रेस की सरकारों में सीएम के चेहरे बदलते रहे, 1977-1980 के बीच बनी जनता पार्टी की सरकार भी अस्थिर रही और तीन साल में दो सीएम (रामसुंदर व कर्पूरी) बने। जहां तक विकास की बात है, यह बहस का विषय है कि एकदल की बहुमत या फिर गठबंधन की सरकार में से किसका प्रदर्शन बेहतर होता है। लेकिन साक्ष्य प्रमाणित करते हैं कि गठबंधन की सरकारें अस्थिर नहीं होतीं।

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