बीएचयू हिंसा : 18 राज्यों से आये सामाजिक कार्यकर्ता किये गये नजरबंद



--- हरेन्द्र शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार, वाराणसी।

▪☆▪ पीएम के संसदीय कार्यालय की घेराव की तैयारी विफल, प्रशासन ने कहा चुनाव आचार संहिता के तहत लागू है धारा 144

वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय में गत सितंबर में छात्रा संग हुई छेड़खानी और छात्राओं पर हुये बर्बर लाठीचार्ज के विरोध और छात्रों पर दर्ज मुकदमें वापस लेने की मांग को लेकर 18 राज्यों के युवाओं का युवा महोत्सव प्रधानमंत्री के सांसद आदर्श गांव नागेपुर में पिछले तीन दिन से चल रहा था। युवाओं को सोमवार को नागेपुर से बीएचयू होते प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय तक जाना था। लेकिन जिला प्रशासन के आदेश पर मार्च निकालने से पूर्व ही पुलिस ने नागेपुर के लोक समिति आश्रम को ही घेर लिया। सभी युवाओं को उस आश्रम में ही नजरबंद कर दिया गया। युवा वहां से निकल ही नहीं पाए। युवाओं का कहना है कि यह लोकतंत्र की हत्या है। उन्हें उनके मौलिक अधिकारों से रोका जा रहा है, वह भी प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र व उनके आदर्श गांव में। पीएम के आदर्श ग्राम नागेपुर से पीएम के संसदीय कार्यालय रवींद्रपुरी आने पर प्रतिबंध के कारण देश के 18 राज्यो से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं को गांव में ही नजरबंद कर दिया गया। इसकी वजह से बीएचयू सिंह द्वार से प्रस्तावित ज्ञापन देने का प्रस्तावित मार्च स्थगित करना पड़ा।

इसकी जानकारी होते ही बीएचयू के सैकड़ों छात्र व छात्राएं तथा सामाजिक कार्यकर्ता राजातालाब ही पहुंचे। वहां लोकसमिति आश्रम में समाचार दिये जाने तक सभा जारी रहा। छात्रों और युवाओं का कहना था कि यहां फिलहाल जबरदस्त सभा चल रही है। सभा के पश्चात ज्ञापन सौंपा जाएगा। बता दें कि पीएम मोदी बतौर सांसद द्वितीय चरण में गोद लिए आदर्श गांव नागेपुर में लोक समिति के आश्रम में राष्ट्रीय संवाद कार्यक्रम आयोजित था जिसका आखरी दिन सोमवार था। इस मौके पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बीएचयू सिंहद्वार से रविन्द्रपुरी स्थित प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय तक मार्च निकाला जाना था। यह सब बीएचयू में विगत दिनों हुई घटना के क्रम में न्याय की मांग से संबंधित था। छात्र उस घटना का विरोध जताना चाहते थे। लेकिन इसकी सूचना जब जिला प्रशासन को मिली तो आनन-फानन में सभी को नागेपुर में ही नजर बंद कर दिया।

देखते ही देखते तीन थानों की पुलिस, थानाध्यक्ष और एसडीएम राजातालाब मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने लोक समिति आश्रम को पूरी तरह से घेर लिया। इस बाबत उप जिलाधिकारी (राजातालाब) इशा दुहान का कहना है कि किसी को नजरबंद नहीं किया गया था। कुछ लोगों ने नागेपुर में प्रदर्शन किया। उन्होंने अपना ज्ञापन सौंपा है, जिस पर कार्रवाई की जाएगी।

नागेपुर से प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय तक न जाने देने के सवाल पर कहा कि निकाय चुनाव चल रहे हैं जिसके तहत जिले में धारा 144 लागू है। ऐसे में किसी जुलूस आदि के लिए पूर्व अनुमति लेना जरूरी है। बिना इजाजत जुलूस निकालने की इजाजत किसी को भी नहीं है।

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