सलाखों के पीछे होगा 1 हजार करोड़ रुपए के घोटाले का मास्टर माइंड विवेक ढांड



--विजया पाठक (एडिटर - जगत विजन),
रायपुर-छत्तीसगढ़, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

छत्तीसगढ़ राज्य के पूर्व मुख्य सचिव और वर्तमान में रेरा के चेयरमैन पद पर पदस्थ आईएएस अफसर विवेक ढांड की मुश्किले कम होती दिखाई नहीं पड़ती। पहले ही शासकीय जमीन को अपने परिजनों के नाम से परिवर्तित करने के मामले में विवादों में रहे विवेक ढांड के इरादे कितने नेक है इस बात का अंदाजा इससे ठीक ढंग से लगाया जा सकता है कि जमीन के नाम परिवर्तन कराए जाने का मामला थमा भी नहीं था, कि विवेक ढांड ने अपने कुछ साथी अफसरों के साथ मिलकर एक हजार करोड़ रुपए के घोटाले को अंजाम दिया।

इस पूरे घोटाले का मास्टर माइंड विवेक ढांड को ही बताया जा रहा है। इनके ही इशारे में अफसरों ने कागजों पर एक फर्जी संस्था बनाकर उसके खाते में एक हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर किए और उसके बाद एक के एक पूरा पैसा उसके खाते से निकाल लिया। बाद में जांच करने पर मालूम चला कि छत्तीसगढ़ में ऐसी कोई संस्था अस्तित्व में नहीं है। कर्ज में डूबे राज्य को इस स्थिति तक पहुंचाने का कारण कहीं न कहीं विवेक ढांड है। बताया जाता है कि वर्ष 2004 से 2018 तक बीजेपी शासनकाल में अफसरों की तूती बोलती थी उसी दौरान विवेक ढांड ने इस फर्जीवाड़े का षडयंत्र रचा। बीजेपी शासनकाल में वैसे भी आईएएस अफसर बुरी तरह से सरकार पर हावी रहे और उन्होंने पूरे प्रदेश का संचालन अपनी इच्छानुसार कराया। यही वजह है कि अफसरों का यह दल प्रदेश में इतना बड़ा फर्जीवाड़ा करने में कामयाब हो पाया।

जाहिर है कि इस पूरे मामले में विवेक ढांड, एन के राउत, आलोक शुक्ला, सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल, सतीश पांडेय, पीपी सोती, राजेश तिवारी, अशोक तिवारी, हरमन खलखो, एम एल पांडेय, पंकज वर्मा के खिलाफ कोर्ट ने पहले एफआईआर दर्ज करने का भी आदेश दिए थे।

जाहिर है कि इन सभी के लोगों के जरिए कागजी संस्थान स्टेट रिसोर्स सेंटर (एसआरसी) (राज्य स्रोत निशक्त जन संस्थान) बनाकर उसके नाम पर एक हजार करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार किया है। इस स्टेट रिसोर्स सेंटर का कार्यालय रायपुर में बताया गया, जो समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत आता है। एसआरसी ने बैंक ऑफ इंडिया के अकाउंट और एसबीआई मोतीबाग के तीन एकाउंट से संस्थान में कार्यरत अलग-अलग लोगों के नाम पर फर्जी आधार कार्ड से खाते खुलवाकर रुपए निकाले गए।

सुप्रीम कोर्ट से मिले निर्देश के बाद इस पूरे मामले की जांच सीबीआई की टीम नए सिरे से कर रही है और वो समय दूर नहीं जब कोर्ट इस पूरे मामले के मास्टर माइंड रहे विवेक ढांड और उनके साथ इस मामले में लिप्त रहे अन्य अफसरों से भ्रष्टाचार की इस राशि की रिकवरी कर आरोपियों को जेल सलाखों के पीछे भेज दे।

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