सर्वोदय भारत पार्टी



गोरखपुर, 7 नवम्बर। गत 4 नवम्बर को सर्वोदय भारत पार्टी द्वारा प्रेस रिलीज की गई और जानकारी साझा की गई। सर्वोदय भारत पार्टी स्थानीय निकायों के चुनावों और आगामी लोकसभा सीट के उपचुनाव में सघन भागीदारी करने जा रही है। महापौर पद के लिए अशोक कुमार गुप्ता चुनाव में हमारे प्रत्याशी हैं और आगामी लोकसभा चुनाव के लिए गिरीश पाण्डे हमारे प्रत्याशी होंगे। हमारी पार्टी अधिकांश वार्डों के लिए भी सभासदों के चुनाव के लिए अच्छे से अच्छे प्रत्याशी चुनाव में उतारेगी।

आज समय और देश की आवश्यकता है कि अच्छे चरित्रवान ईमानदार संवेदनशील लोग लोकसभा, विधान सभा तथा स्थानीय सरकारों में आएँ। खुशहाल भारत के आपके सपनों को साकार करने के लिए एक नए प्रयोग की आवश्यकता है। भारत का संविधान पारित करते समय बाबू राजेन्द्र प्रसाद और डॉक्टर अम्बेडकर दोनों ने 26 नवम्बर 1949 को कहा था कि अगर अच्छे चरित्रवान संवेदन शील ईमानदार और चरित्रवान लोग चुनकर नहीं आएँगे तो अच्छा संविधान भी देश को खुशहाल नहीं कर पाएगा। उन्होंने दुहरी जिम्मेदारी दी थी : अच्छे लोगों को, कि वे चुनाव में प्रत्याशी बनें और भारत के लोगों को कि वह ऐसे लोगों को जिताए।

तो किसी न किसी को तो इसकी शुरूआत करनी ही पड़ेगी। इसके लिए जरूरी है कि चुनाव खर्चीला न हो। जो भी बहुत अधिक धन, करोड़ों रूपये खर्च करके चुनाव जीतेगा, चाहे वह रूपया व्यक्ति का हो या पार्टी का हो नम्बर एक का हो या दो का, वह कई गुना कमाएगा और उसी में लगा रहेगा। जनता और उसकी सेवा और समस्यायें सुलझाना उसके लिए गौड़ हो जाएगा। इसके लिए कम पैसे में चुनाव का एक नया मॉडल पेश किया जाएगा।

हमारे पार्टी के प्रतिनिधि सांसद निधि या सभी निधियों का प्रयोग क्षेत्र के अधिक मत पाकर चार हारे हुए प्रत्याशियों के साथ किया जाएगा। वे हारे हुए प्रत्याशी भी तो जनता की आवाज हैं, उतने लोगों को रेप्रेजेंट करते हैं, उनकी समस्याए जानते हैं, इसलिए जब उनकी भी राय ली जाएगी तो लोकतंत्र सम्पूर्णता में फलीभूत होगा। उन प्रत्याशियों की आवाज भले ही लोकसभा, विधान सभा या नगर सभाओं में न पहुँचे लेकिन उस क्षेत्र की विकास में तो सुनी ही जानी चाहिए।

विज्ञान, लोकसेवा, साहित्य, जनता और जमीन से बेहद लगाव व जुड़ाव की वजह से मुझे हमेशा लगता रहा कि संविधान बना कर देश में लोकतंत्र स्थापित करना और जमीन में बोरिंग करके हैंडपम्प लगाना एक जैसी प्रक्रियायें हैं, जमीन से गहराई में जुड़ने की प्रक्रिया। लोकतंत्र और हैंडपम्प की उपमा के अनुसार अब साथ पानी का समय और मौसम आने जा रहा है। इसी को एक शेर में इस तरह से कहा है हमारी व्यवस्था, हमारा लोकतंत्र बहुत कुछ हैंडपम्प की तरह होता है, पहले गंदा मटमैला फिर साफ पानी खींचता है।

गोरखपुर क्षेत्र के विकास के लिए हमारे मुख्य बिंदु निम्न होंगे।

* एंसेफलाइटिस को 2 साल में समाप्त करना जैसा कि दूसरे देशों ने सफलता पूर्वक किया है।

* किसानों की आत्म-हत्यायें रोकने तथा सभी किसानों, मजदूरों की खुशहाली के हर संभव उपाय।

* संविधान की जानकारी जन-जन तक पहुँचाना।

* लोकतंत्र को व्यवस्था की आखिरी सीढ़ी तक ले जाना। इसके लिये हारे हुए चार अधिक मत पाये हुए प्रत्याशियों के साथ विचार विमर्श कर सांसद निधि का सर्वहित में प्रयोग तथा उसे सार्वजनिक स्थान एवं नेट पर दिखाना ताकि व्यवस्था पारदर्शी बने।

* सभी बच्चों की सम्यक शिक्षा तथा सभी नागरिकों के स्वास्थ्य की ;विशेष कर गरीबों केद्ध उत्तम व्यवस्था।

* बिजली, पानी, सिंचाई, सड़कों, विद्यालयों की समुचित व्यवस्था एवम् देखभाल।

* वन, पर्यावरण, पार्को, नदियों, तालाबों, पेड़, पौधों और जीव जन्तुओं और गोवंश का संवर्धन और देखभाल।

* रामगढ़ताल का प्रकृति की धरोहर के रूप में आदर्श विकास।

* शहर एवम् ग्रामीण क्षेत्रों में समुचित एवम् सर्व सुलभ परिवहन व्यवस्थायें।

* सभी को स्वच्छ पेयजल एवम् सीवर सुविधायें।

* श्रमिकों को उचित मजदूरी तथा उनके लिए कल्याणकारी योजनाओं का कार्यान्वयन।

* भ्रष्टाचार का पूर्ण निवारण।

*अच्छे ईमानदार, संवेदनशील लोगों को व्यवस्था में लाने के लिए ही यह लोकनीतिक मंच ‘सर्वोदय भारत पार्टी’ बना है। यह पार्टी स्वतंत्रता आंदोलन के तपस्वियों और शहीदों के सपनों के अनुसार देश चलाने तथा उन सपनों को तपस्या भाव से पूरा करने वाले साधकों का मंच है, आज हम भारत के लोगों की आँखों तथा मन में उन सपनों को पूरा करने के लिए जी जान से लगने की जरूरत है।

पिछले 30 महीने से हम लोग गाँव गाँव जाकर भारत के संविधान की जानकारी दे रहे हैं, संविधान कथायें कह रहें हैं। जिन गाँवों में लोग संविधान तथा उसके पंचायतों सम्बंधित 73वें संशोधन के बारे में जान ले रहे हैं वहाँ के विकास और खुशहाली में चमत्कारिक परिवर्तन हो रहे हैं। हम लोगों ने संविधान के बारे में सरल शब्दों में किताब ‘जागो ! गणराज्य !! जागो !!’ तैयार की और उसकी लाखों प्रतियाँ निःशुल्क वितरित की। शहरों में स्थानीय निकायों की व्यवस्था के लिए संविधान के 74 वें संसोधन क बारे बता रहें है।

आप सब प्रेस के मित्रों से आग्रह है कि संविधान, संविधान सभा और स्वतंत्रता आंदोजन के सपनों तथा किसानों मजदूरों और जन जन की खुशहाली के इस अभिनव लोकतांत्रिक महायज्ञ में शामिल हों।

शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तपस्या से जो लोकतंत्र और संविधान की गंगा अवतरित हुई, वह शुरू में तमाम शंकर की जटाओं में उलझ कर रह गयी। गंगा को जन जन तक ले जाने के लिए भागीरथ को दुबारा तपस्या करनी पड़ी। ‘सर्वोदय भारत पार्टी’ का आप सबसे आवाहन है कि भागीरथ समान तपस्या करके लोकतंत्र, संविधान और लोकनीति की गंगा को जन जन तक ले चलें।

ताजा समाचार

National Report



Image Gallery
इ-अखबार - जगत प्रवाह
  India Inside News