कोल इंडिया का नया "ग्राहक सड़क कोयला वितरण एप"



▪☆▪ सड़क मार्ग से कोयला ढोने वाले ग्राहकों के लाभार्थ कोल इंडिया का नया "ग्राहक सड़क कोयला वितरण एप"

▪☆▪ यह एप ढुलाई कार्यक्रम और प्रेषण प्रणाली में पारदर्शिता की दिशा में एक अहम कदम है


▪☆▪ यह एप ढुलाई कार्यक्रमों के अनुरूप कोयले की ढुलाई के लिए लॉजिस्टिक्स योजना में भी मदद करता है


▪☆▪ यह एप बिक्री आदेश के तहत की गई कोयला आपूर्ति की तारीख-वार, ट्रक-वार मात्रा का विवरण भी प्रदान करता है

07 नवम्बर। केंद्रीय रेल और कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के ग्राहकों द्वारा सड़क से कोयला ढोने में लाभ के लिए ''ग्राहक सड़क कोयला वितरण एप'' लॉंच किया। ग्राहकों के अनुकूल यह एप सीआईएल के स्थापना दिवस पर कोलकाता में हाल ही में लॉन्च किया गया। यह एप प्रेषण कार्यों में पारदर्शित लाने में, मोनिटर करने के साधन के रूप में इस प्रकार सहायता करता है कि क्‍या प्रेषण ‘फर्स्‍ट इन फर्स्‍ट आउट’ के सिद्धांत पर किए गए हैं। यह बिक्री आदेश जारी होने से लेकर सड़क द्वारा वास्‍तविक वितरण तक की सभी गतिविधियों का ट्रैक भी रखता है।

बिक्री आदेश के तहत इस एप से ग्राहकों को होने वाले मुख्‍य लाभों में शामिल हैं-लोडिंग कार्यक्रम और प्रेषण प्रणाली में पारदर्शिता के अलावा एक बटन दबाने से सभी सूचनाओं की सहज उपलब्‍धता। यह लोडिंग कार्यक्रमों के साथ कोयले को उठाने के लिए लॉजिस्टिक्स प्लानिंग में भी मदद करता है। इसके अतिरिक्‍त यह ग्राहकों द्वारा कोयले की खरीद, उत्पादन और स्टॉक प्रबंधन की बेहतर योजना बनाने में भी मदद करता है।

इस एप की मुख्य विशेषता यह है कि यह बिक्री-आदेशों के तहत वितरित कोयले की तारीखवार, ट्रकवार मात्रा विवरण प्रदान करता है। उस अवधि में जारी बिक्री आदेशों की प्रत्‍येक योजना, खान, ग्रेड और ग्राहक से संबंधित विस्‍तृत सूचनाएं प्रदान करता है।

लोड करने के संदर्भ में यह विभिन्‍न स्रोतों से एक-एक ट्रक द्वारा उठाए गए कोयले की स्थिति के बदले आवंटन की सूचना और प्रेषण का संक्षिप्‍त विवरण भी प्रदान करता है।

कोल इंडिया अपने ग्राहकों की महत्‍वपूर्ण तरीकों से जरूरतें पूरी करता है और व्‍यापार को आसान बनाने के द्वारा ग्राहक के प्रति प्रतिबद्धता का निर्वाह करता है। इस एप का लॉन्च करना 'डिजिटल इंडिया' और पारदर्शिता के महत्‍वपूर्ण लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने की तरफ सीआईएल द्वारा किए गए प्रयासों में से एक है।
यह याद किया जा सकता है कि सीआईएल खान से निष्‍कासित उपलब्‍ध स्‍टॉक से ऊर्जा केंद्रों को अधिक से अधिक कोयला पहुंचाने और कम दूरी पर स्थित ऊर्जा संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति के लिए प्रयासरत है। इसके परिणामस्‍वरूप खानों से 50 से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ऊर्जा संयंत्र अपने निकटतम खानों से अपनी आवश्‍यकताओं के अनुसार अधिक से अधिक कोयला ले सकते हैं।

वर्ष 2016-17 के दौरान सीआईएल द्वारा कुल प्रेषित 542 मिलियन टन में से 140 मिलियन टन अर्थात 26 प्रतिशत कोयला सड़क माध्‍यम से प्रेषित किया गया है। चालू वित्त वर्ष में किए गए प्रयासों के कारण सड़क के माध्यम से कोयले की ढुलाई में काफी सुधार हुआ है। अक्टूबर 2017 के अंत तक, सड़क के माध्यम से कोयले की ढुलाई, 93 मिलियन टन से ज्यादा रही जो कुल 317 मिलियन टन प्रेषण का 29 प्रतिशत है। पिछले वित्‍तीय वर्ष में इसी अवधि की तुलना में चालू वित्त वर्ष के दौरान अक्टूबर 2017 तक कोयले का सड़क से ढुलाई 12 मिलियन टन अधिक रही है।

ताजा समाचार

National Report



Image Gallery
इ-अखबार - जगत प्रवाह
  India Inside News