--परमानंद पांडेय,
अध्यक्ष - अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास,
राष्ट्रीय संयोजक - मंजिल ग्रुप साहित्यिक मंच, उत्तर भारत।
■ ममता झूठ गढ़ती हैं फैलती हैं जनता सब देख रही है समझ रही है समय पर उत्तर मिल जायेगा
चोट लगी। इसमें किसी की साजिश नहीं थी। भारत का चुनाव आयोग पूरी दुनिया में अपनी निष्पक्षता के लिए सदा प्रसिद्ध रहा है। सारे रिपोर्ट्स का अध्ययन कर चुनाव आयोग ने साफ साफ कहा कि इस घटना में किसी प्रकार की कोई भी साजिश नहीं है। ममता तो सब जान ही रही थीं कि यह एक ऐक्सिडेंट था और कुछ नहीं। फिर भी उन्होंने तूल मचाया। दो दिन में ही प्लास्टर हटा लिया गया। बैंडेज लगा था। उसके बाद भी कहना शुरू किया कि भाजपा मेरी हत्या करना चाहती है। इतना बड़ा झूठ एक बड़े राजनेता बोले तो अपने देश में राजनीति कहाँ पर आकर गिरी है इसे समझना जोग। अब बोल रही हैं कि भाजपा नहीं चाहती थी कि हम प्रचार अभियान कर सकें। यानी ममता झूठ पर झूठ बोलती चली जा रही हैं।
एक बात तो बिल्कुल साफ लग रही है कि वे बुरी तरह चुनाव से डरी हुई हैं। उनकी वाणी और उनकी गतिविधियों से उनका पूरा व्यक्तित्व अभी भयाक्रांत लग रहा है।
मोदी जी की ब्रिगेड ग्राउंड की महा रैली से वे घबड़ा चुकी थीं। अमित शाह तो बंगाल में घर घर और व्यक्ति व्यक्ति में बस गए हैं। जहां जहां वे जा रहे हैं पूरा रोड स्वतः स्फूर्त जाम हो रहा है। घर घर छतों से पुष्पमालाएं बरसाई जा रही हैं। शंखध्वनि से अपर स्नेहयुक्त स्वागत हो रहा है। अमित शाह ने एक प्रश्न उठा दिया है कि भाजपा के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं की हत्या ममता सरकार ने करवाई है। उसका क्या उत्तर है ममता के पास।
पहले तो ममता समझ रही थीं कि सम्पूर्ण मुस्लिमों का वोट ले लेगी और हिंदुओं का विभाजन करवाने में वे सफल हो जाएंगी। बस फिर तो चुनाव जीत ही जाएंगी। किन्तु हिन्दू समाज इस बार बदला लेने के मूड में है। चारो ओर बंगाल में जय श्री राम का नारा आकाश में गुज रहा है। अब लाचार होकर ममता मंदिरों में भी जा रही हैं। एक नई परिस्थिति यह हो गई है कि मुसलमान भी अब ममता के पैंतरे से नाराज हो रहे हैं।
अभी तो मोदी जी की रैलियाँ शुरू भी नहीं हुई हैं। लग तो यही रहा है कि पश्चिम बंगाल एक नया इतिहास लिखने जा रहा है।
राष्ट्रवादियों के लिए बंगाल की जीत अति महत्वपूर्ण है। यह जीत भाजपा और हिंदुत्व के लिए पाथ सेटलर होगा।