हावड़ा-प• बंगाल,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
हावड़ा खटीक समाज ने बुधवार को हर्ष व उल्लास के साथ प्रत्येक वर्ष की भाँति ही इस वर्ष भी नवमी उत्सव मनाया। इस धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ हावड़ा खटीक समाज के अध्यक्ष विवेक सोनकर की माता जी द्वारा किया गया। सदियों से चली आ रही परम्परा को आगे बढ़ाते हुए "रामनवमी उत्सव" हावड़ा खटीक समाज के अध्यक्ष विवेक सोनकर (प्रदेश सचिव, भाजपा, पश्चिम बंगाल) की अगुवाई में मनाया गया। बता दें कि इस अनुष्ठान में समाज के हर वर्ग तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। साथ साथ सरकार द्वारा निर्देशित तमाम कोविड दिशानिर्देशों का पालन किया गया।
राम नवमी प्रतिवर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। चैत्र की नवरात्रि का समापन भी इसी दिन होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार राम का जन्म भी इसी दिन हुआ था। इस दिन मन्दिरों में सारा दिन भजन कीर्तन का आयोजन होता है तथा सभी मन्दिरों में भंडारे होते है। बहुत से भक्त जगह जगह पंडाल लगाकर भी भंडारे करते है और अधिक से अधिक लोगो को भोजन करा कर पुण्य प्राप्त करते है।
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी को राम नवमी के रूप में उत्साह और हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम का पूजन और वंदन करने से सुख, समृद्धि और शांति बढ़ती है। साथ ही संतान सुख की प्राप्ति होती है। नवमी के दिन लौकी खाना निषेध है, क्योंकि इस दिन लौकी का सेवन गौ-मांस के समान माना गया है। इस दिन कड़ी, पूरणपौल, खीर, पूरी, साग, भजिये, हलवा, कद्दू या आलू की सब्जी बनाई जा सकती है। माता दुर्गा और श्रीराम को भोग लगाने के बाद ही भोजन किया जाता है।
नवरात्रि के नवमी के पावन अवसर पर हावड़ा खटीक समाज द्वारा कन्या पूजन भी किया गया। इस अवसर पर समाज के नागरिक हवन यज्ञ एवं आरती में सम्मिलित हुए। नवमी उत्सव में उपस्थित नागरिकों सहित सैकड़ों लोगों ने भी प्रसाद ग्रहण किया।