नोटबंदी की वर्षगाठ : कहीं समर्थन तो कहीं विरोध



कोलकाता, 08 नवम्बर। पिछले वर्ष आज ही के तारीख पर नोटबंदी का फरमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रहित में जारी किया था। जिसका विरोध भारतीय जनता पार्टी के सभी विरोधी दलों ने किया था और आज भी किसी न किसी रूप में जारी हैं। एक ओर समूचे राष्ट्र में केंद्र सरकार, केंद्रीय मंत्रिमंडल, राज्य सरकार, मंत्रीमण्डल, विधायक अपने अपने क्षेत्र में नोटबंदी के फैसले को सही और सफल करार देते हुए कार्यक्रम आयोजित कर जनता को समर्थन के लिए धन्यवाद दे रहे है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज के दिन को काला दिवस की संज्ञान दीं हैं। मुख्यमंत्री ने नोटबंदी को तानाशाही फैसला करार देते हुए इसे देश का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया। उन्होने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा निहित स्वार्थ को प्राथमिकता देते हुए कालेधन को बदल कर सफ़ेद करने के लिए किया गया था। जिसका विरोध आज भी जारी है। उन्होने अपने पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं व समर्थकों को नोटबंदी की पहली वर्षगाठ पर “ब्लैक डे” (काला दिवस) मनाने को कहा है। जिस पर तृणमूल काँग्रेस द्वारा बंगाल राज्य के हर एक विधान सभा क्षेत्र, नगर निगम क्षेत्र, ग्राम पंचायत क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन करते हुए रैली निकली जा रही है और चयनित चौराहों पर पथ सभा कर घोर विरोध किया जा रहा है।

वहीं भाजपा पश्चिम बंगाल द्वारा भी नोटबंदी की सफलता और आम जनता के अपार समर्थन को केन्द्रित कर नोटबंदी के वर्षगाठ पर जश्न रूपी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

वामफ्रंट समर्थकों का कहना है कि भाजपा और तृणमूल एक ही सिक्के के दो पहलू है। चित भी उनका पट भी उनकी। ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि जैसे बंगाल में तो सिर्फ यही दो राजनीतिक दल है, एक सरकार में है और दूसरा सरकार की विरोधी। मुद्दे आपस में पक्ष व विपक्ष के रूप में साझा किए जा रहे है। बाकी राजनीति दलों के लिए “नो-एंट्री”।

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