--डॉ• इन्द्र बली मिश्रा,
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय,
वाराणसी-उत्तर प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
23 मई 2021 रविवार को शनि मार्गी से वक्री होंगे। शनि देव के वक्री होने से सभी राशियों पर प्रभाव पड़ेगा जिसमें मिथुन, तुला, धनु, मकर और कुंभ राशि की परेशानी बढ़ सकती हैं।
शनि देव को ज्योतिष शास्त्र में महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है। शनि न्याय के देवता है और जनता के कारक है। शनि जब अशुभ या पीड़ित होते हैं तो जनता पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार शनि 23 मई 2021 रविवार को दोपहर 02 बजकर 50 मिनट पर शनि मार्गी से वक्री अवस्था में आएंगे, यानि की शनि देव इस दिन से उल्टी चाल चलेंगे, मान्यता है कि जब शनि वक्री होते हैं तो वे पीड़ित हो जाते हैं। इस कारण वक्री अवस्था में शनि कमजोर हो जाते हैं और पूर्ण फल प्रदान नहीं कर पाते।
■ 141 दिनों तक शनि देव चलेंगे उल्टी चाल, इन राशियों को रहना होगा सावधान
इस वर्ष पंचांग के अनुसार शनि ग्रह 141 दिनों तक वक्री रहने वाले हैं। इसलिए उन राशियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, जिन पर शनि की महादशी, शनि की साढ़ेसाती और शनि की ढैय्या बनी हुई है। धनु राशि, मकर राशि और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। वहीं मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढैय्या बनी हुई है।
■ 11 अक्टूबर 2021 को शनि होंगे मार्गी
पंचांग के अनुसार शनि देव 11 अक्टूबर 2021 सोमवार को प्रात: 07 बजकर 48 मिनट पर वक्री से मार्गी होंगे, शनि अभी मकर राशि में गोचर कर रहे हैं, इसके साथ ही शनि श्रवण नक्षत्र में है। इस वर्ष शनि का कोई राशि परिवर्तन नहीं है। वर्ष 2023 तक शनि मकर राशि में ही रहेंगे।
■ शनि के उपाय
पंचांग के अनुसार इस समय वैशाख का महीना चल रहा है। वैशाख के मास में कुछ ऐसे कार्य है जिन्हें करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं, वैशाख मास में तिल, सरसों का तेल, छाता, काले वस्त्र, अन्न, दवा, मेडिकल उपकरण आदि का दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं।
॥शनि मंत्र॥ : ऊँ शं शनैश्चराय नम:
इस मंत्र के जप करना लभप्रद् है।