चक्रवाती तूफान यास के प्रभाव से निपटने के लिए तैयारी शुरू



नई दिल्ली,
कोलकाता-प• बंगाल,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

■ अखिल भारतीय मौसम अनुमान

● भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार, अखिल भारतीय प्रभाव आधारित मौसम चेतावनी बुलेटिन (रविवार 23 मई, 2021 जारी करने का समय-1630 बजे, भारतीय मानक समय, 1430 भारतीय मानक समय अवलोकनों के आधार पर)

दक्षिण पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा 5 डिग्री उत्तर/80 डिग्री पूर्व, 10 डिग्री उत्तर/85 डिग्री पूर्व, 13 डिग्री उत्तर/90 डिग्री पूर्व से लगातार गुजर रही है।

पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक विक्षोभ में केंद्रीभूत हो गया है रविवार 23 मई, 2021 को 1130 बजे पोर्ट ब्लेयर (अंडमान द्वीपसमूह) से लगभग 560 किमी उत्तर उत्तर पश्चिम, पारादीप (ओडिशा) के 590 किमी पूर्व दक्षिण पूर्व, बालासोर (ओडिशा) के 690 किमी दक्षिण दक्षिण पूर्व तथा दीघा (पश्चिम बंगाल) के 670 किमी दक्षिण दक्षिण पूर्व के निकट अक्षांश 16.1 डिग्री उत्तर तथा देशांतर 90.2 डिग्री पूर्व में केंद्रित रहा। इसके उत्तर उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने तथा 24 मई की सुबह तक एक चक्रवाती तूफान में सघन होने और अगले 24 घंटों के दौरान एक बेहद उग्र चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान है। यह उत्तर उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ना जारी रखेगा, और तेज होगा तथा 26 मई की सुबह तक पश्चिम बंगाल तथा उत्तरी ओडिशा तटों के निकट उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने का अनुमान है। इसके एक बेहद उग्र तूफान के रूप में 26 मई की शाम तक पारादीप तथा सागर द्वीपसमूह के बीच उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल को पार करने का अनुमान है।

पश्चिमी विक्षोभ, उत्तरी पाकिस्तान और समीपवर्ती जम्मू एवं कश्मीर के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में समुद्र तल से 3.1 किमी तथा 3.6 किमी के बीच मध्य एवं उपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक ऊंचे ट्रफ के साथ जिसकी धुरी समुद्र स्तर से ऊपर 5.8 किमी पर है जो लगभग अक्षांश 68 डिग्री पूर्व से देशांतर 25 डिग्री उत्तर में है, कायम है।

केंद्रीय मध्य प्रदेश के उत्तरी भागों के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर कायम है।

दक्षिण पश्चिम राजस्थान के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर कायम है।

पूर्व मध्य अरब सागर तथा समीपवर्ती महाराष्ट्र तट के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 3.1 किमी और 3.6 किमी ऊपर कायम है।

26 मई, 2021 की रात से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने का अनुमान है।

अधिक विवरण के लिए कृपया www.imd.gov.in पर जाएं या +91-11-24631913, 24643965, 24629798 से संपर्क करें (1875 से राष्ट्र की सेवा में)

■ सशस्‍त्र बलों ने चक्रवाती तूफान यास के प्रभाव से निपटने के लिए तैयारी शुरू की

सशस्‍त्र बलों ने चक्रवाती तूफान यास के प्रभाव से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी हैं। इस तूफान के बुधवार, 26 मई, 2021 को पूर्वी तट पर पहुंचने की संभावना है। भारतीय वायुसेना के 15 मालवाहक विमानों ने जामनगर, वाराणसी, पटना और एर्नाकुलम से राष्‍ट्रीय आपदा मोचन बल के 950 कर्मियों और 70 टन सामग्री को कोलकाता, भुवनेश्‍वर और पोर्टब्‍लेयर पहुंचाया है। 16 विमान और 26 हेलिकॉप्‍टर तत्‍काल तैनाती के लिए तैयार रखे गए हैं। भारतीय नौसेना, जो पश्चिमी तट पर मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) तथा बचाव अभियान से निपटी ही थी, ने मानवीय सहायता और आपदा राहत की दस खेप भुवनेश्‍वर और कोलकाता भेजी हैं। पांच खेप पोर्टब्‍लेयर पर तैयार रखी गई हैं। पूर्वी कमान और अंडमान-निकोबार कमान के आठ पोत राहत पहुंचाने के लिए उपलब्‍ध कराए गए हैं। चार गोताखोर और दस बाढ राहत टुकडियां कोलकाता, भुवनेश्‍वर और चिल्‍का में तैनात की गई हैं। ये टुकडियां बहुत कम समय के बुलावे पर नागरिक प्रशासन को उपलब्‍ध होंगी।

सात बाढ राहत दल और दो गोताखोर दल अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलग-अलग स्‍थानों पर तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्‍त नौसेना के विमान और हेलिकॉप्‍टर राहत और बचाव अभियान चलाने के लिए विशाखापट्टनम और पोर्टब्‍लेयर में तैयार रखे गये है। थल सेना की आठ बाढ राहत और इंजीनियर टास्‍क फोर्स की तीन टुकडियां नागरिक प्रशासन के अनुरोध पर तैनात करने के लिए तैयार की गई हैं। सशस्‍त्र बल प्रभावित राज्‍यों में नागरिक प्रशासन से संपर्क में हैं। सशस्त्र बलों की टीमें कोविड-19 अस्पतालों में उपचार के लिए आवश्यक जीवन रक्षक ऑक्सीजन और दवाओं की बाधारहित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सड़क और रेल संपर्कों को खुला रखने की आवश्यकता से भी अवगत हैं। सशस्त्र सेनाएं चक्रवात यास के प्रभाव को कम करने, जान माल की रक्षा करने और नागरिकों को हर सहायता उपलब्ध करने के लिए तैयार हैं।

■ चक्रवात यास को देखते हुए भारतीय तटरक्षक ने अपने साजोसामान की तैनाती की

तटरक्षक (आईसीजी) ने 26 मई, 2021 को पूर्वी तट पर आने वाले चक्रवात यास को देखते हुए अपना साजोसामान की तैनाती की है। सभी तटवर्ती, जलीय एवं विमानन इकाइयां हाई अलर्ट पर हैं और आईसीजी जहाजों तथा विमानों को बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में तैनात किया गया है।

आईसीजी रिमोट ऑपरेटिंग स्टेशन नाविकों और मछुआरों के लिए एमएमबी रेडियो पर स्थानीय भाषाओं में मौसम से सम्बंधित चेतावनी संदेशों को प्रसारित कर रहे हैं। नैवटेक्स चेतावनियां नियमित रूप से जारी की जा रही हैं और अंतर्राष्ट्रीय सेफ्टी नेट (आईएसएन) को इस क्षेत्र में पाए जाने वाले/पारगमन करने वाले जहाजों को सचेत करने के लिए सक्रिय किया गया है। लंगर में जहाजों को आवश्यक सुरक्षा उपायों के रूप में शेल्टर लेने तथा सिंगल पॉइंट्स मूरिंग (एसपीएम) ऑपरेटरों की मदद लेने की सलाह भी दी गई है। आईसीजी ने बंगाल की खाड़ी के गहरे पानी के साथ-साथ तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और अंडमान निकोबार द्वीप समूह के तट पर प्रतिदिन औसतन 16 जहाज और तीन विमान तैनात किए हैं।

इसके अलावा फुलाकर तैयार की जाने वाली नौकाओं, जीवन रक्षक पेटियों एवं जीवन रक्षक जैकेट के साथ 31 तटरक्षक आपदा राहत दल (डीआरटी) स्टैंडबाई पर हैं। साथ ही मेडिकल टीमों और एंबुलेंस को भी स्टैंडबाई रखा गया है।

इन आपदा राहत उपायों के साथ आईसीजी ने समुद्र में गईं 254 नौकाओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है तथा अब तक पारगमन कर रहे विभिन्न व्यापारिक जहाजों व एंकरेज में 77 जहाजों को सतर्क किया है।

पत्तन प्राधिकरणों, तेल रिग ऑपरेटरों, नौवहन, मत्स्य पालन प्राधिकरणों एवं मछुआरा संघों को किसी भी क्षति से बचने के लिए पहले से ही उपाय किये गए हैं और चक्रवात के बारे में सूचित किया गया है।

आईसीजी ने चक्रवात तौकते के बाद पश्चिमी समुद्र तट पर चल रहे खोजबीन और बचाव अभियान को जारी रखते हुए अपने साजोसामान को जुटाया है।

■ प्रधानमंत्री ने चक्रवात ‘यास’ से निपटने की तैयारियों और योजना की समीक्षा बैठक की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चक्रवात ‘यास’ से निपटने के लिए संबंधित राज्यों तथा केंद्रीय मंत्रालयों / एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सूचित किया कि चक्रवात ‘यास’ के 26 मई की शाम को 155-165 किलो मीटर की गति से चलने वाली हवा के तेज होकर 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना के साथ पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा तटों को पार करने की संभावना है। इससे पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा के तटीय जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। आईएमडी ने यह चेतावनी भी दी है कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में लगभग 2-4 मीटर ऊंचा तूफान आ सकता है। आईएमडी नियमित रूप से सभी संबंधित राज्यों को नवीनतम पूर्वानुमान के साथ बुलेटिन जारी कर रहा है।

प्रधानमंत्री को बताया गया कि कैबिनेट सचिव ने 22 मई 2021 को सभी तटीय राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव और संबंधित मंत्रालयों/एजेंसियों के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की बैठक की। गृह मंत्रालय 24X7 स्थिति की समीक्षा कर रहा है और तटीय राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों तथा संबंधित मंत्रालयों/एजेंसियों के संपर्क में है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में नौकाओं, पेड़ काटने वाले उपकरणों, दूरसंचार उपकरणों आदि के साथ 46 टीमों को पहले से तैयार कर रखा है। इसके अतिरिक्त तैनाती के लिए 13 टीमें विमान से रवाना की गयी हैं और 10 टीमें स्टैंडबाई में (आपात स्थिति के लिए) रखी गई हैं।

भारतीय तटरक्षक तथा नौसेना ने राहत, खोज और बचाव कार्यों के लिए जहाज तथा हेलीकॉप्टरों की तैनाती की है। वायु सेना तथा सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स इकाइयां तैनाती के लिए स्टैंडबाई में रखी गई हैं। मानवीय सहायता के साथ सात जहाज और आपदा राहत इकाइयां पश्चिमी तट पर स्टैंडबाई में हैं।

पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा समुद्र में सभी तेल प्रतिष्ठानों को सुरक्षित रखने तथा जहाजों को सुरक्षित बंदरगाह पर लाने के कदम उठाए गए हैं। विद्युत मंत्रालय ने इमर्जन्सी रिस्पान्स सिस्टम को सक्रिय कर दिया है तथा ट्रांसफार्रमरों, डीजी सेटों तथा उपकरण आदि को तैयार रखा है ताकि बिजली की फौरन बहाली की जा सके। दूरसंचार मंत्रालय टावरों तथा एक्सचेंजों पर निरंतर निगरानी रखे हुए है और दूरसंचार नेटवर्क को बहाल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रभावित होने वाले राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों को स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों और प्रभावित इलाकों में कोविड की स्थिति से निपटने के लिए परामर्श जारी किया है। बंदरगाह, नौवहन तथा जल मार्ग मंत्रालय ने सभी जहाजों को सुरक्षित रखने के उपाय किए हैं तथा आपातकालीन जहाजों (टग्स) की तैनाती की है।

एनडीआरएफ खतरनाक स्थानों से लोगों को निकालने की तैयारियों में राज्य की एजेंसियों की सहायता कर रहा है और चक्रवात की स्थिति से निपटने के लिए निरंतर रूप से सामुदायिक जागरूकता अभियान चला रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों को राज्यों के साथ निकट सहयोग के साथ काम करने को कहा है ताकि अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित ढंग से निकालने का काम सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि अपतटीय गतिविधियों में शामिल लोगों की समय से निकासी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने सभी संबद्ध विभागों को बिजली तथा दूरसंचार नेटवर्क में कटौती का समय कम करने और बिजली तथा दूरसंचार नेटवर्क की तेजी से बहाली के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को राज्य सरकारों के साथ उचित तालमेल और नियोजन कार्य करने को भी कहा ताकि अस्पतालों में कोविड के मरीजों के इलाज और टीकाकरण कार्य में कोई व्यवधान नहीं हो। उन्होंने श्रेष्ठ व्यवहारों से अच्छी सीख लेने के लिए नियोजन और तैयारी की प्रक्रिया में जिला प्रशासन को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित जिलों के नागरिकों को समझने लायक स्थानीय भाषा में क्या करे, क्या नहीं करें का परामर्श और निर्देश दें। प्रधानमंत्री ने तटीय समुदायों, उद्योगों आदि विभिन्न हितधारकों से सीधे संपर्क साधने और उन्हें संवेदी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में गृह मंत्री, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, गृह राज्य मंत्री, कैबिनेट सचिव, गृह, दूरसंचार, मत्स्यपालन, नागर विमानन, विद्युत, बंदरगाह, नौवहन तथा जल मार्ग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालयों/विभागों के सचिव, रेल बोर्ड के अध्यक्ष, सदस्य तथा एनडीएमए के सचिव सदस्य, आईएमडी तथा एनडीआरएफ के महानिदेशक, प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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