--डॉ• इंद्र बली मिश्रा,
काशी हिंदू विश्वविद्यालय,
वाराणसी-उत्तर प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
देशभर में जन्माष्टमी का त्योहार बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन जन्माष्टमी मनाई जाती है। इस बार जन्माष्टमी 30 अगस्त 2021, सोमवार को मनाई जाएगी। वहीं वैष्णव लोग 31 अगस्त को जन्माष्टमी मनाएंगे। भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव को बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है तथा झाकियां बनाई जाती हैं। श्री कृष्ण को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। रात्रि 12 बजे तक जग कर भगवान की वंदना और स्तुति की जाती है। कई जगह भगवान के जन्मोत्सव पर जागरण भी किया जाता है।
प्रभु श्री कृष्ण के जन्म के समय अर्थात रात को 12 बजे श्री कृष्ण को माखन मिश्री का भोग लगाया जाता है, कई जगह भगवान के लिए 56 भोग तैयार किए जाते हैं। घर में बने मंदिरों को फूलों और लाइट्स आदि से सजाया जाता है, वहीं मंदिरों की शोभा भी देखने लायक होती है। घरों और मंदिरों में कान्हा जी के लिए पालना सजाया जाता है, जिस पर लड्डू गोपाल को नई पोशाक, गहने आदि से सजाकर बैठाया जाता है।
■ जन्माष्टमी शुभ मुहूर्त
• श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तिथि: - 30 अगस्त 2021
• अष्टमी तिथि प्रारम्भ: - अगस्त 29, 2021 रात 10:09
• अष्टमी तिथि समापन: - अगस्त 31, 2021 रात 12:13
• रोहिणी नक्षत्र प्रारम्भ: - अगस्त 30, 2021 सुबह 06:41
• रोहिणी नक्षत्र समापन - अगस्त 31, 2021 सुबह 09:19
• अभिजित मुहूर्त: - सुबह 11:56 से लेकर रात 12:47 तक