काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में फार्मर्स-साइंटिस्ट कनेक्ट मीट का आयोजन



वाराणसी-उत्तर प्रदेश,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

• आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार, द्वारा कार्यक्रम का आयोजन

• वाराणसी में फार्ड फाउंडेशन एवं कृषि विज्ञान संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में फार्मर्स-साइंटिस्ट कनेक्ट मीट

• कृषि विज्ञान संस्थान के शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह में जुटे किसान व कृषि वैज्ञानिक

• किसानों ने साझा की अपनी सफलता गाथा

• वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र एवं गाज़ीपुर से जुड़े 4000 से ज़्यादा किसान

भारतीय स्वतंत्रता के 75 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित आज़ादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार, के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वित्त पोषित बायोटेक किसान परियोजना के तहत गुरुवार को देश के 75 ज़िलों में फार्मर्स-साइंटिस्ट कनेक्ट मीट का आयोजन किया गया। इस दौरान देश भर से करीब 75000 किसान एवं बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक कार्यक्रम से जुड़े। इसी क्रम में कृषि एवं ग्रामीण विकास के उत्थान की दिशा में पूर्वांचल में कार्यरत गैर शासकीय संगठन फार्ड फाउण्डेशन एवं कृषि विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, के संयुक्त तत्वावधान में संस्थान के शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह में भी किसानों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया। फार्ड फाउंडेशन के बैनर तले चार आकांक्षी ज़िलों वाराणसी, चंदौली, गाज़ीपुर एवं सोनभद्र में प्रत्येक ज़िले से एक हज़ार से ज़्यादा किसान ऑफलाइन व ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। इस प्रकार चारों ज़िलों से तकरीबन चार हज़ार किसानों ने कार्यक्रम का लाभ उठाया।

नई दिल्ली में मुख्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेन्द्र ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बायोटेक किसान परियोजना किसानों के विकास व सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और किसानों की आय में इज़ाफे के प्रधानमंत्री जी के लक्ष्य को हासिल करने में मददगार साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि आज का किसान पारंपरिक पद्धतियों से आगे बढ़कर कृषि-टेक्नोक्रैट व कृषि उद्यमी बन गया है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं विज्ञान ऐसे दो क्षेत्र हैं जिनके आधार पर भारत विश्व गुरू बनने की राह पर अग्रसर है।

वाराणसी में बीएचयू के कृषि प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक एवं फार्ड फाउंडेशन के अध्यक्ष तथा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. पंजाब सिंह ने बताया कि चार आकांक्षी ज़िलों वाराणसी, चंदौली, गाज़ीपुर व सोनभद्र में फाउंडेशन के प्रयासों से लगभग 40 हज़ार किसानों को बायोटेक किसान परियोजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि महिला किसान व उद्यमी भी इस परियोजना के माध्यम ने आत्मनिर्भर बन रही हैं। इस दौरान फार्ड फाउंडेशन के माध्यम से लाभान्वित सोनभद्र ज़िले के एक प्रगतिशील किसान विद्यापति मौर्या ने इस परियोजना के माध्यम से अपनी सफलता गाथा भी साझा की। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. रमेश चंद, संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. शिवराज सिंह, पूर्व डीन डॉ. आर. एम. सिंह, प्रो. वी.के. चंदोला, प्रो. राकेश सिंह, डॉ. मारकण्डेय राम पाठक, फार्ड फाउंडेशन के ट्रस्टी दशरथ सिंह, डॉ. उमेश सिंह सहित विभिन्न जिलों के एफपीओ के निदेशक गण अजय सिंह, रामकुमार राय, शार्दूल विक्रम व बड़ी संख्या में कृषक व कृषि वैज्ञानिक उपस्थित थे।

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