22 नवम्बर। भारतीय नौसेनिक अकादमी (आईएनए), एझीमाला में एक शानदार पासिंग आउट परेड हुई। भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक के 328 कैडेटों और तंजानिया और मालद्वीप के एक–एक अंतरराष्ट्रीय कैडेट ने सफलतापूर्वक अपना प्रशिक्षण पूरा करने पर प्रतिष्ठित आईएनए में पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया। प्रशिक्षण पूरा करने वाले नौसेनिक और कैडेट चार अलग-अलग पाठ्यक्रमों से थे। इनमें 93 भारतीय नौसेना अकादमी पाठ्यक्रम (बीटैक), 93 भारतीय नौसेनिक पाठ्यक्रम (एमएससी), 24 नौसेनिक अभिविन्यास पाठ्यक्रम (विस्तारित) और 25 नौसेनिक अभिविन्यास पाठ्यक्रम (नियमित) से थे। ग्रेजुएशन करने वाली और अपने पुरूष साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मार्च करने वाली भारतीय नौसेना की 20 महिला कैडेट भी इसमें शामिल थी।
इस शानदार परेड का निरीक्षण नौसेना अध्यक्ष एडमिरल सुनील लाम्बा ने किया। एडमिरल लाम्बा ने समारोहपूर्वक आयोजित इस परेड के बाद 9 योग्य नौसेनिकों और कैडेटों को मैडल प्रदान किया। उन्होंने इन पाठ्यक्रमों को पूरा करने वाले कैडेटों को बधाई दी और उन्हें सलाह दी कि वे नौसेना के प्रमुख मूल्यों ‘’कर्तव्य, सम्मान और साहस’’ को आत्मसात करें और उनका पालन करें। वाइस एडमिरल एस• के• भौकारे, एवीएसएम, वाईएसएम, एनएम कमांडेंट, स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य ने इस यादगार अवसर को देखा। पासिंग आउट परेड में सभी सफल नौसेनिकों और कैडेटों के माता पिता और अभिभावक मौजूद थे, साथ ही अनेक स्थानीय और बाहर से आए गणमान्य व्यक्ति, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के कर्मचारी और प्रक्षिशु, महाराष्ट्र में सतारा के सैनिक स्कूल, भुवनेश्वर के सैनिक स्कूल के कैडेट, मीडियाकर्मी और स्थानीय स्कूलों तथा कॉलेजों के छात्र और अध्यापक भी उपस्थित थे।
भारतीय नौसेनिक अकादमी बी•टैक पाठ्यक्रम के लिए राष्ट्रपति का स्वर्ण पदक नौसेनिक ऋषव साहा को दिया गया। नौसेनिक अभिविन्यास (विस्तारित) पाठ्यक्रम के लिए नौसेना अध्यक्ष का स्वर्ण पदक कैडेट अनिल चौधरी को प्रदान किया गया। नौसेनिक अभिविन्यास (नियमित) पाठ्यक्रम के लिए नौसेना अध्यक्ष का स्वर्ण पदक कैडेट गौरव त्यागी को तथा सर्वश्रेष्ठ महिला कैडेट के लिए फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (दक्षिण) का पदक कैडेट अंजनी पांडे को दिया गया।इस शानदार समारोह का समापन सफल नौसेनिकों और कैडेटों ने 2 टुकडियों में मार्च करके किया।परेड के समापन पर ‘’शिपिंग ऑफ स्ट्रीप्स‘’ समारोह आयोजित किया गया। पासिंग आउट पाठ्यक्रम पूरा करने वाले कैडेट के गौरन्वान्वित माता-पिता और अभिभावकों ने अपने बच्चों के कंधों पर स्ट्रीप्स लगते हुए देखा जो इस बात का प्रतीक है कि वे कैडेट से पूर्ण नौसेनिक और तटरक्षक अधिकारी बन गए हैं। भारतीय नौसिक अकादमी में प्रशिक्षण पूरा करने पर ये अधिकारी विभिन्न नौसेनिक और तटरक्षक जहाजों में जायेंगे और विशेष क्षेत्रों में प्रशिक्षण लेंगे।