--- रंजीत लुधियानवी, वरिष्ठ पत्रकार, कोलकाता।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वे पद्मावती फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली और उनकी टीम का पश्चिम बंगाल में स्वागत करेंगी, अगर वे लोग फिल्म के विशेष प्रीमियर और प्रदर्शन की व्यवस्था करना चाहें। मालूम हो कि मुख्यंमत्री ने इस बयान से कुछ दिन पहले ट्विट करके कहा था कि फिल्म को लेकर किया जा रहा विरोध योजनाबद्ध तरीके के तहत किया जा रहा है, जिसका मकसद देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगाना है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार 24 नवम्बर को कोलकाता में इंडिया टुडे कानक्लेव 2017 में कहा कि अगर वे (भंसाली और फिल्म के निर्माता) देश के किसी भी राज्य में फिल्म प्रदर्शित नहीं कर पा रहे हैं, तब हम यहां फिल्म के प्रदर्शन के लिए विशेष व्यवस्था करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा करके बंगाल बहुत खुश होगा और बंगाल गौरवांवित महसूस करेगा। हम इसकी देखभाल करेंगे। संजय लीला भंसाली और उनकी टीम का कोलकाता में स्वागत है।
मालूम हो कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 20 नवंबर को ट्विट करके लिखा था कि पद्मावतीको लेकर विवाद सिर्फ दुर्भाग्यजनक ही नहीं है, लेकिन यह एक राजनीतिक दल की ओर से हमारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को खत्म करने की योजनाबद्ध रणनीति के तहत किया जा रहा है। इसके बाद उन्होंंने लिखा कि हम इस तरह की सुपर इमरजंसी की निंदा करते हैं। फिल्म उद्योग के सभी लोगों को एकजुट होकर एक स्वर में इसका विरोध करना चाहिए।
मालूम हो कि फिल्म का प्रदर्शन एक दिसंबर को होना था, लेकिन कई लोगों की ओर से विरोध किए जाने के बाद इसका प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया। यह फिल्म राजपूत वीरांगना पद्मावती के शौर्य और साहस को प्रदर्शित करने के लिए बनाई बताई जाती है, लेकिन भाजपा और संघ से जुड़े लोगों का आरोप है कि फिल्म में इतिहास को विकृत रूप में दिखाया गया है। फिल्म की शूटिंग शुरू होने के साथ ही इसका विरोध शुरू हो गया था। जयपुर में राजपुर करनी सेना की ओर से हंगामा किया गया। कोल्हापुर में भी शूटिंग के दौरान हंगामा और विरोध हुआ। इसके बाद अक्टूबर में फिल्म का पहला पोस्टर रीलीज हुआ, हंगामा शुरू हो गया। राजपूत संगठनों की ओर से आरोप लगाया गया कि निर्देशक ने फिल्म में एतिहासिक तथ्यों को विकृत ढंग से दिखाया है।