● भारत और ब्रिटेन शहरी परिवहन के क्षेत्र में समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे
28 नवम्बर। भारत और ब्रिटेन के बीच शहरी परिवहन क्षेत्र में नीति नियोजन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और संस्थागत संगठन में सहयोग के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर होंगे। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जहाजरानी और जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने कल लंदन में ब्रिटेन के परिवहन सचिव क्रिस ग्रेयलिंग से मुलाकात की और दोनों ही पक्षों ने समझौता पत्र के मसौदे पर चर्चा की।
समझौता पत्र के मसौदे में परिवहन क्षेत्र में दोनों देशों के बीच विशेषज्ञता का आदान-प्रदान एवं तकनीक के जरिए परिवहन सुगमता को बढ़ावा देने के लिए आपसी सहयोग शामिल है। ऐसे नीतिगत सुधारों की भी आशा व्यक्त की गई है जिससे परिवहन क्षेत्र में बेहतर ग्राहक सेवाओं, आंकड़ों का विश्लेषण और सूचना प्रोद्योगिकी प्रणाली के जरिए बदलाव आए। इस समझौते से देश में डिजिटल लेनदेन और अधिक क्षमता वाले डीजल और इलैक्ट्रिक वाहनों के चलन को बढ़ावा मिलेगा।
नितिन गडकरी के इस वर्ष मई में लंदन दौरे के बाद इस समझौते पर हस्ताक्षर के बारे में निर्णय हुआ है। इस दौरे पर उन्होंने लंदन परिवहन और भारतीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के बीच द्विपक्षीय सहयोग के प्रावधानों को अंतिम रूप दिया जिनमें शहरी क्षेत्रों में परिवहन से जुड़े समाधानों और अन्य गतिविधियों को शामिल किया गया है।
लंदन दौरे के दौरान गडकरी अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन के एक सत्र को भी संबोधित करेंगे।
● नितिन गडकरी ने ब्रिटेन के भारतीय उद्यमियों से स्वच्छ गंगा परियोजना में शामिल होने की अपील की
• नमामि गंगे रोड शो का कल लंदन में आयोजन
केन्द्रीय जल संसाधन नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने ब्रिटेन में भारतीय उद्यमियों से गंगा नदी को स्वच्छ करने की सरकार की नमामि गंगे परियोजना में सहयोग के लिए आगे आने की अपील की है। लंदन में कल उद्यमियों के एक समारोह को संबोधित करते हुए श्री गडकरी ने कहा कि निर्मल गंगा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गंगा के प्राचीन गौरव को बनाये रखने के लिए लोगों की सहभागिता भी बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि घाटों, शमशानों, जल स्त्रोतों, उद्यानों, स्वच्छता सेवाओं, सार्वजनिक सुविधाओं और नदी के किनारों के विकास की 10,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की तीन परियोजनाएं चल रही हैं लेकिन इसके लिए और धन की आवश्यकता है। उद्यमियों से अपनी इच्छानुसार परियोजनाओं को चुनकर निवेश की अपील की। उन्होंने बताया कि 650 करोड़ रुपये की लागत से पांच राज्यों में घाटों की 119 परियोजनाओं पर कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि निर्मल गंगा सुनिश्चित करने के लिए सरकार सीवेज निपटान पर 20,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है।