दो योगियों और दो सत्ताओं का मिलन



लखनऊ,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, ब्रह्माकुमारी संस्थान की मुख्य प्रशासिका 103 वर्षीय दादी जानकी जी से मिलने सोमवार को गोमती नगर स्थित सेवा केंद्र पर आए। मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ एवं माला द्वारा स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में प्रयागराज से आई मनोरमा दीदी ने कहा कि आज तो दो योगियों और दो सत्ताओं का मिलन हो रहा है। योगी आदित्यनाथ जी एवं राजयोगिनी दादी जानकी जी, एक राज्यसत्ता एवं दूसरी अध्यात्मसत्ता का मिलन अद्भुत है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दादी जी को कुंभ कोष भेंट किया और दादी जी ने शॉल पहनाकर योगी जी का स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री गणों में डॉ• महेंद्र सिंह, आशुतोष टंडन तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।

माउंट आबू से आए सतीश एवं नितिन भाई ने “माननीय मुख्यमंत्री प्यारे पधारे हैं” स्वागत गीत गाकर सबको मोहित कर लिया।

वरिष्ठ राजयोगिनी गुड़गांव रिट्रीट सेंटर की इंचार्ज आशा दीदी ने कहा कि श्री कृष्ण और श्री राम की भूमि जहां के मुख्यमंत्री इतने सुयोग्य योगी जी हैं वहां स्वर्ग आना दूर नहीं। उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी यह गुलजार उपवन तैयार होगा, राष्ट्र सेवा को समर्पित कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा की राधा बहन के प्रयास सराहनीय हैं जो गुलजार उपवन के रूप में ऐसी संस्था का निर्माण करवा रही हैं, जहां राज योग द्वारा सहजता से मानव को संस्कारवान मानव बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने एक श्लोक उद्वत करते हुए कहा कि हमारा जो मन है वह हमारे बंधन और मोक्ष का कारण है। अगर मन पर नियंत्रण है, वह अंतर्मुखी है तो हम जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफल हो सकते हैं। लेकिन मन यदि बहिर्मुखी और चंचल है तो यही बंधन का कारण बनता है और बंधन पतन का कारण होता है। राजयोग द्वारा मनुष्य को इस बंधन से मुक्त होने की प्रेरणा दी जाती है। मुख्यमंत्री ने ब्रह्माकुमारी संस्था को हर सहयोग देने का आश्वासन दिया तथा दादी के स्वस्थ जीवन की मंगल कामना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि दादी के सानिध्य और मार्गदर्शन में देश प्रगति के पथ पर अग्रसर होता रहे।

अपने आशीर्वचन में दादी जानकी ने कहा कि मैं लखनऊ विशेष तौर से योगी से मिलने आई हूं। यह बहुत मेरा अच्छा भाई है, यह बहुत तरक्की करें । दादी ने कहा कि हमारे जीवन में पांच गुण नेचुरल होने चाहिए - पवित्रता, सत्यता, धैर्यता, मधुरता और नम्रता। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अब्बा का घर माउंट आबू आने का निमंत्रण भी दिया।

अंत में दादी जी ने तथा योगी जी ने मिलकर शिलान्यास पट्ट का अनावरण किया।

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