नई दिल्ली में 09 फरवरी को मेगा सिल्क इवेंट का आयोजन



नई दिल्ली, 08 फरवरी 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

केंद्रीय रेशम बोर्ड के सहयोग से वस्त्र मंत्रालय 9 फरवरी, 2019 को नई दिल्ली में ‘सर्जिंग सिल्क – अकाम्प्लिश्मेन्ट एंड वे फॉरवर्ड’ कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि होंगी, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय वस्त्र मंत्री स्मृति जुबिन इरानी करेंगी।

कार्यक्रम में पिछले 4 वर्षों के दौरान भारत में रेशम उद्योग के विकास को मुख्य रूप से दिखाया जाएगा। जनजातीय क्षेत्रों की महिलों को बुनियाद तसर रेशम रिलिंग मशीनें वितरित की जाएंगी। इसका उद्देश्य थाई रिलिंग की वर्षों पुरानी व्यवस्था को समाप्त करना है। तसर रेशम के क्षेत्र में इस प्रथा को समाप्त करने तथा ग्रामीण व जनजातीय महिलाओं को उचित आय प्रदान करने के उद्देश्य से तथा चंपा, छत्तीसगढ के एक उद्यमी के सहयोग से केंद्रीय रेशम प्रौद्योगिकी शोध संस्थान ने इस मशीन को विकसित किया है। इस विकसित मशीन का नाम बुनियाद रिलिंग मशीन है। यह मशीन तसर सिल्क की गुणवत्ता और उत्पादकता को बेहतर बनाएगी तथा महिलाओं के कठिन श्रम में राहत प्रदान करेगी।

पारंपरिक तरीके का उपयोग करते हुए धागा तैयार करने वाली एक महिला प्रति दिन 125 रुपये कमाती है जबकि बुनियाद रिलिंग मशीन से वह 350 रुपये प्रति दिन कमा सकती है। बुनियाद रिलिंग मशीन की कीमत 8475 रुपये प्रति इकाई है। मार्च, 2019 तक थाई रिलिंग की प्रथा को समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मशीन, सौर ऊर्जा तथा पैर से चलने वाले उपकरणों के साथ उपलब्ध है। मशीन उत्पादन के लिए निर्माताओं और इनके वितरण के लिए धागा तैयार करने वालों की पहचान कर ली गई है।

कार्यक्रम के दौरान रेशम उद्योग के सफल व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कार दिये जाएंगे। रेशम अपशिष्ट से मिलैंज फेब्रिक तैयार किया जाएगा। रेशम कीट-पालन क्षेत्र के गुणवत्ता-प्रमाण पत्र के लिए एक मोबाइल एप्प लांच की जाएगी। इसके साथ ही भारतीय रेशम उद्योग राज्य रेशम कीट-पालन पर आधारित एक पुस्तिका जारी की जाएगी।

इस पुस्तिका में प्रत्येक राज्य में रेशम कीट पालन तथा रेशम उद्योग के विकास और वर्तमान स्थिति का विवरण होगा। भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी इस पुस्तिका में होगी। यह सुनिश्चित किया गया है कि कार्यक्रम में वस्त्र क्षेत्र के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हों।





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