माजरा ही आज भिन्न होता !



---के• विक्रम राव, अध्यक्ष - इंडियन फैडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स।

पुलवामा के खलनायक क्रूर आतंकी मोहम्मद अजहर मसूद को सुरक्षित कंधार तक पहुँचाने का राष्ट्रघातक गुनाह तो अटल-नीत भाजपा सरकार ने (31 दिसम्बर 1999) किया था। उसके लिये आज हो रहे आम चुनाव के अपने अभियान में राहुल गांधी लगातार भाजपा को लांछित कर रहे हैं। यह दोषारोपण सर्वथा उचित है। आवश्यक भी है। राहुल की नजर में यदि मसूद को कैद में रखते तो आज पुलवामा में शहीद हुए सिपाहियों की जान बचाई जा सकती थी। मसूद को आजाद करने में प्रधानमंत्री वाजपेयी के साथ विदेश मंत्री मेजर जसवंत सिंह तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ब्रजेश मिश्र पूर्णतयः अपराधी थे।

मगर एक दूसरा अपराध भी अटल विहारी वाजपेयी ने होशोहवास से किया था। अमरीकी जाँच एजेंसी एफ•बी•आई• के अनुसार एक विशिष्ट भारतीय राजनेता (पूर्व प्रधानमन्त्री का आत्मज) बोस्टन के लोगन हवाई अड्डे पर (27 सितम्बर 2001) गिरफ्तार हुआ था। उसके तथा उसकी स्पेनिश महिला मित्र के पास से डेढ़ लाख डालर और सफेद पाउडर (चरसनुमा) का पैकेट कथित तौर पर जब्त किया गया था। इन अपराधों के लिये अमरीकी कानून में 128 वर्षों की सजा निर्धारित है। तब यह समाचार अमरीकी मीडिया में छपा था। विधिवेत्ता और सांसद डॉ• सुब्रमण्यम स्वामी ने इसे कानूनी दस्तावेज बताया।

इस समाचार से भारत में हडकंप मच गया था। चेन्नई के वामपंथी दैनिक “दि हिन्दू” ने भी इस रपट को छापा।

■THE HINDU
•Online edition of India's National Newspaper
•Sunday, September 30, 2001

●"Was Rahul Gandhi detained by FBI?"
By Our Special Correspondent

NEW DELHI, SEPT. 29. With the U.S. security agencies leaving nothing to chance after the September 11 terrorist strikes, sleuths of the Federal Bureau of Investigation (FBI) "detained'' Mr. Rahul Gandhi, son of the former Prime Minister, Rajiv Gandhi, and the Leader of the Opposition, Ms. Sonia Gandhi, for about an hour at the Boston airport early this week, sources here said.

According to sources, Mr. Gandhi, reportedly travelling from Boston to Washington, was detained by the FBI agents who would not let him go even after checking his travel documents thoroughly. They checked his baggage, despite being told that he was the son of a former Indian Prime Minister.

Sources here maintain that only when the news reached 10, Janpath, and the Congress president, Ms. Sonia Gandhi, reportedly spoke to the Indian Ambassador in the U.S., Mr. Lalit Mansingh, Mr. Gandhi was able to proceed with his onward journey. (from ‘the Hindu’ of 30 September 2001)

■ इसी समाचार को एक अन्य समाचार पत्र ने भी प्रसारित किया था :

●News Gram 24
•Thursday, 16 Aug 2015, 10.59 am

In the year 2001, Rahul Gandhi who was traveling to America was stopped in the Boston Airport, it is said that he was caught carrying 1,60,000 USD in CASH and a bag of white powder. The preliminary reports indicated that the white powder was Heroin (banned drug). The FBI had detained him and taken into private room for interrogation. Sonia Gandhi then had requested the then Prime Minister Mr Vajpayee to meddle in and help Rahul Gandhi. She had promised Vajpayee that she will help Parliament function and will not disrupt developmental plans. Mr. Vajpayee could have ignored the request, but however he saw no grudge against Sonia Gandhi and had instructed his principle secretary Brajesh Mishra to call Condoleezza Rice and had asked for the immediate release of Rahul Gandhi.

और तब भाजपा सरकार की लीपापोती शुरू हुई। उस पूर्व प्रधानमंत्री के परिवारजन ने भाजपायी प्रधानमंत्री से ‘त्राहि माम’ की चिरौरी की। उनके सलाहकार ब्रजेश मिश्र (जिनके पिता पं• द्वारका प्रसाद मिश्र से पूर्व प्रधानमन्त्री के घरेलू रिश्ते थे, वे नेहरू कुटुंब के अन्तरंग थे और इंदिरा गांधी को प्रधानमन्त्री बनाने का दंभ भरते थे) ने मदद दी। विदेश मंत्री मेजर जसवंत सिंह तथा विदेश सचिव पद से तभी रिटायर होकर वाशिंगटन में राजदूत नियुक्त हुए ललित मान सिंह ने रफादफा करने हेतु प्रयास किया।

ब्रजेश मिश्र ने वादा किया था कि एफबीआई की जाँच सीबीआई पूरा करेगी और दोषी को दण्डित करेगी। मगर ऐसा कुछ भी नहीं किया गया। जैसे मसूद जम्मू जेल से रिहा होकर लाहौर में छुट्टा घूम रहा है वैसे ही यह पुत्ररत्न भी सियासत में नित नए कीर्तिमान रच रहा है। अर्थात् औरों को राजधर्म सिखानेवाले ने खुद राजधर्म का उल्लंघन किया। हिन्दुओं की फितरत रही है कि नाग को दूध पिलाओ।

इसके ठीक पंद्रह वर्ष पूर्व (1984) भी एक मिलती जुलती घटना हो चुकी है। भोपाल गैस त्रासदी के हीरो वारेन हेंडरसन को सरकारी विमान से भोपाल जेल से दिल्ली लाया गया तथा सादर अमरीका जाने दिया गया। इस हत्यारे को मुक्ति दिलाने के एवज में आदिल शहरयार को अमरीकी जेल से छुड़ाकर स्वदेश लाया गया था। शहरयार मादक द्रव्य के साथ पकड़ा गया था। उसके पिता मोहम्मद यूनुस इंदिरा गांधी के अजीज थे। कांग्रेस के नेता थे। इस तथ्य को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने एक बहस के दौरान लोकसभा में बताया था।





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