अयोध्या : करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़े इस मामले को लटकाए रखना उचित नहीं



नई दिल्ली/उत्तर प्रदेश, 11 जुलाई 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

अयोध्या विवाद पर चल रही मध्यस्थता प्रक्रिया के विफल रहने पर सर्वोच्च न्यायालय 25 जुलाई से दोबारा मामले की सुनवाई शुरू कर देगा। मामले की जल्द सुनवाई की मांग करने वाली एक अर्जी पर न्यायालय ने यह आदेश दिया है। न्यायालय ने मध्यस्थता कमिटी के अध्यक्ष जस्टिस कालीपुल्ला को अब तक हुई तरक्की पर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। उनकी रिपोर्ट देखने के बाद न्यायालय सुनवाई के बारे में फैसला लेगा।

मामले के पक्षकार रहे स्व• गोपाल सिंह विशारद के बेटे की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि उनके पिता ने करीब 70 साल पहले मुकदमा दायर किया था। उनकी मृत्यु के बाद अब वो मुकदमा लड़ रहे हैं। खुद उनकी उम्र करीब 80 साल हो चुकी है।

ऐसे में करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़े इस मामले को लटकाए रखना उचित नहीं है। उनकी तरफ से वरिष्ठ वकील के• परासरन ने दलील दी कि मध्यस्थता कमिटी के काम में कोई खास तरक्की नहीं हो रही है। इस प्रक्रिया से कोई हल निकलने की उम्मीद नहीं है। कमिटी की रिपोर्ट के लिए 15 अगस्त तक का इंतज़ार सिर्फ समय की बर्बादी साबित होगा। कोर्ट मध्यस्थता बंद कर दोबारा सुनवाई शुरू कर दे।





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