आज दिवाली पर इस शुभ महासंयोग में महा लक्ष्मी करेंगी धन वर्षा



--डॉ• इन्द्र बली मिश्र,
काशी हिंदू विश्वविद्यालय,
वाराणसी-उत्तर प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

इस बार दीपावली पर महासंयोग बन रहा है। तीन ग्रहों का दुर्लभ संयोग और छोटी-बड़ी दीवाली एक साथ। यह दुर्लभ संयोग 1521 में बना था जो हमको शनिवार को उपलब्ध होगा। दीप पर्व पर गुरु अपनी स्वराशि धनु और शनि अपनी स्वराशि मकर में रहेगा। लक्ष्मी जी का स्व: ग्रह शुक्र कन्या राशि में होगा। लक्ष्मी पूजन के समय स्वाति नक्षत्र होगा। इन ग्रहों के संयोग से दिवाली सुख शांति समृद्धि प्रदान करेगी लेकिन स्वास्थ्य के प्रति सभी को अभी सचेत रहना होगा!

■ चतुर्दशी और अमावस्या

शनिवार को प्रातः काल से चतुर्दशी दोपहर 01.49 तक रहेगी। यानी छोटी दिवाली (नरक/ रूप चतुर्दशी) का पूजन इसी समय तक हो सकता है। उसके बाद अमावस्या का प्रारम्भ हो जाएगा।

● महालक्ष्मी मंत्र: श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥

■ लक्ष्मी पूजन के सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त : 14 नवंबर 2020

● घर पर दिवाली पूजन

• लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: 14 नवंबर की शाम 5:34 से शाम 7:29 तक (वृष, स्थिर लग्न)

• प्रदोष काल मुहूर्त: 14 नवंबर की शाम 5:33 से रात्रि 8:12 तक

● महानिशीथ काल मुहूर्त (काली पूजा)

• महानिशीथ काल मुहूर्त्त: रात्रि 11:39 से 00:32 तक।

• सिंह काल मुहूर्त्त: रात्रि 12:15 से 02:19 तक।

●व्यापारिक प्रतिष्ठान पूजा मुहूर्त

• सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त अभिजित: दोपहर 12:09 से शाम 04:05 तक।

• दोपहर: (लाभ, अमृत) 14 नवंबर की दोपहर 02:17 से शाम को 04:07 तक।

■ कैसे करें पूजा

• सर्वप्रथम पूजा का संकल्प लें

• श्रीगणेश, लक्ष्मी, सरस्वती जी के साथ कुबेर का पूजन करें

• एकाक्षी नारियल या 11 कमलगट्टे पूजा स्थल पर रखें

• श्री यंत्र की पूजा करें और उत्तर दिशा में प्रतिष्ठापित करें

• देवी सूक्तम का पाठ करें

■ बीमार लोगों को सलाह : कोरोना प्रभावित केवल मानसिक पूजा करें। जो स्वस्थ भी हो चुके हैं वे भी धूप, अगरबत्ती, धुनी और आतिशबाजी से बचें।

"आप सभी को दीपावली की ढेरों सारे आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं"।

ताजा समाचार

  India Inside News


National Report



Image Gallery
Budget Advertisementt