‘नमो-केयर’ से अगले तीन वर्षों में भारत की दुनिया के सबसे बड़े दवा निर्माता देश के रूप में बनेगी पहचान : अनन्त कुमार



बेंगलूरू, 16 फरवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

(●) देश में फार्मा और भारत चिकित्सा उपकरण उद्योग का सबसे बड़ा सम्मेलन ‘भारत फार्मा और भारत चिकित्सा उपकरण 2018 बेंगलूरू में शुरू’

(●) नमो केयर का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नई फार्मा नीति की तैयारी, औषधि मूल्य निर्धारण में होगी बड़े बदलाव की पहल

(●) आगामी पांच वर्षों में 65 अरब डालर के फार्मा और 12 अरब डालर के चिकित्सा उपकरण उद्योग के दोगुना होने की उम्मीद : अनन्त कुमार

(●) मंत्री का उद्योग से सरकार की मेक इन इंडिया पहल के साथ सहयोग कर नमो केयर लागू करने के रास्ते में आनेवाली चुनौतियों से निपटने का आग्रह

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा संसदीय मामलों के मंत्री अनन्त कुमार ने कहा है कि नमो केयर के नाम से लोकप्रिय हुई आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना में अगले तीन वर्षों में भारत को दुनिया के सबसे बड़े दवा निर्माता देश के रुप में विकसित करने की क्षमता है। अनन्त कुमार 15 फरवरी को बेंगलूरू में ‘भारत फार्मा और भारत चिकित्सा उपकरण 2018 सम्मेलन और प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।

इस तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अधीन औषधि विभाग ने भारतीय वाणिज्य और उद्योग महासंघ के साथ मिलकर किया है। सम्मेलन में दवा और चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए ‘भारत फार्मा और भारत चिकित्सा उपकरण’ पुरस्कारों की घोषणा की गई। सम्मेलन में फार्मा उद्योग के बड़ी हस्तियों तथा अंतरराष्ट्रीय औषधि नियामकों को संबोधित करते हुए अनन्त कुमार ने कहा कि सबके लिए सस्ती और गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए आयुष्मान भारत एक महत्वाकांक्षी फ्रेमवर्क तैयार करेगा। उन्‍होंने कहा कि‍ आयुष्मान भारत के तहत सरकार ने देश के 50 करोड़ गरीब लोगों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर देना तय किया है। सरकार अगले तीन महीनों में ‘नमो केयर’ को उसी तेजी से लागू करेगी जिस तेजी के साथ उसने मुद्रा योजना, उज्वला योजना, नीम लेपित यूरिया जैसी सफल पहल की है। केन्‍द्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार को उम्‍मीद है कि‍ नमो केयर जैसी बड़ी स्‍वास्‍थ्‍य योजना से देश का 65 अरब डॉलर का दवा और 12 अरब डॉलर का चिकित्‍सा उपकरण उद्योग अगले पांच वर्षों में दोगुना हो जाएगा।

अनंत कुमार ने कहा कि छोटे छोटे हिस्‍सो में बंटे हुए फार्मा उद्योग के मौजूदा फ्रेमवर्क में नमो केयर को प्रभावी तरीके से लागू करना संभव नहीं होगा, इसलि‍ए सरकार जल्‍दी ही एक ऐसी नई फार्मा नीति‍ लाना चाहती है जिससे दवा और चिकित्‍सा उपकरणों की कीमतों के नियंत्रण, उत्‍पादन, अनुसंधान और वि‍कास, वित्‍त पोषण और गुणवत्‍ता निर्धारण तथा नियंत्रण जैसे फार्मा उद्योग के वि‍भि‍न्‍न घटकों को एक साथ जोड़ा जा सके और उनमें नयी ऊर्जा का संचार किया जा सके।

उन्होंने कहा कि‍ सबके लिए सस्ती और गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवाएं सुनि‍श्चित करने के लिए नमो केयर को लागू करने के रास्ते में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए फार्मा और चि‍कित्सा उपकरण उद्योग को मेक इन इंडिया पहल के साथ मिलकर चलना होगा। उन्होंने कहा कि इसे थ्री ए फॉर्मूला-उपलब्धता, प्रमाणिकता और सामर्थ्य का नाम दिया गया है।

सम्मेलन के दौरान अनंत कुमार ने फार्मा और चिकित्सा उपकरण बनाने वाली कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ फार्मा उद्योग के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर व्यापक चर्चा की। अनंत कुमार ने कहा कि सरकार देशभर में 3,150 प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों के जरिए सबके लिए सस्ती और गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की कोशिश कर रही है। फार्मा सेक्टर में स्वचालित मार्ग से ग्रीन फील्ड परियोजनाओं के लिए 100 फीसदी और ब्राउन फील्ड परियोजनाओं के लिए 75 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को मंजूरी दी गई है। सम्मेलन के दौरान दुनिया के 20 बड़े दवा और चिकित्सा उपकरण नियामक के भारतीय नियामकों से चर्चा करेंगे। सम्मेलन में सीआईएस और बीमस्टेक देशों के मंत्री भी शिरकत कर रहे हैं।

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