ऑक्सीटोसिन दवा के नियमन से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए राज्यों के साथ वीडियो कांफ्रेंस



नई दिल्ली, 06 अगस्त 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

स्‍वास्‍थ्य मंत्रालय ने ऑक्सीटोसिन दवा के नियमन से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के साथ वीडियो कांफ्रेंस की। इस दौरान ऑक्सीटोसिन दवा के उत्‍पादन, वितरण एवं बिक्री से संबंधित संशोधित नियमों को लागू करने के लिए राज्‍य सरकारों की तैयारियों की ताजा स्थिति पर भी चर्चा की गई। वीडियो कांफ्रेंस के दौरान राज्‍यों में ऑक्सीटोसिन दवा के स्‍टॉक का भी आकलन किया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि घरेलू उपयोग के लिए इसके उत्‍पादन पर जारी पाबंदी आदेश के 01 सितंबर, 2018 से प्रभावी हो जाने के बाद इसकी कोई किल्‍लत न रहे।

अपर सचिव और डीजी (सीजीएचएस) आर• के• वत्‍स और एएस एवं एमडी मनोज झलानी ने वीडियो कांफ्रेंस बैठक की अध्‍यक्षता की। वंदना गुरनानी, जेएस और सुधीर कुमार, जेएस के साथ-साथ डॉ• ईश्‍वर रेड्डी, डीजीसीआई और मंत्रालय के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भी इस बैठक में भाग लिया। राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों एवं मिशन निदेशकों और केएपीएल की टीम ने भी वीडियो कांफ्रेंस में भाग लिया।

बैठक में मनोज झलानी ने यह स्‍पष्‍ट किया कि देश में ऑक्सीटोसिन पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, केवल घरेलू बाजार के लिए इसके उत्‍पादन पर पांबदी लगाई गई है। कर्नाटक एंटीबायोटिक्‍स एंड फार्मास्‍यूटिकल्‍स लिमिटेड (केएपीएल) के जरिए सार्वजनिक क्षेत्र में इसके उत्‍पादन पर पाबंदी लगाई गई है, जो 01 सितंबर, 2018 से प्रभावी होगी। उन्‍होंने यह भी कहा कि ऑक्सीटोसिन के निजी उत्‍पादक निर्यात करने के उद्देश्‍य से इस दवा का उत्‍पादन कर सकते हैं। उन्होंने विशेष जोर देते हुए कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि जब बदली हुई व्‍यवस्‍था प्रभावी होगी, तो ऑक्सीटोसिन की कोई किल्‍लत न हो।

राज्‍यों से अनुरोध किया गया कि वे केएपीएल को खरीद ऑर्डर देकर समस्‍त सरकारी अस्‍पतालों/क्लिनिक में जीवन रक्षक दवा ऑक्सीटोसिन इंजेक्‍शन की उपलब्‍धता सुनिश्चित करें।

एएस एवं एमडी ने विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी राज्‍य अपने यहां ऑक्सीटोसिन इंजेक्‍शन की किसी भी तरह की कृत्रिम किल्‍लत पर कड़ी नजर रखेंगे।

राज्‍यों को सलाह दी गई है कि वे इस दवा की आवश्‍यकता का आकलन करें और केएपीएल को इसके लिए समय पर समुचित ऑर्डर दें।

केएपीएल ने राज्‍यों से अनुरोध किया कि यदि वे बड़े पैमाने पर इस दवा की खरीद सुनिश्चित करना चाहते हैं तो वे इसके लिए अग्रिम ऑर्डर प्रस्‍तुत करें।

मंत्रालय ऑक्सीटोसिन दवा के उत्‍पादन एवं वितरण की स्थिति की नियमित समीक्षा करेगा।

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