गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का संदेश



01 अक्टूबर, नई दिल्ली। भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपना संदेश जारी किया है। अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा है कि गांधी जयंती राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों और मूल्यों के प्रति फिर से समर्पित होने का अवसर है। सादा जीवन और उच्च नैतिक आदर्श के प्रतिरूप गांधीजी ने अपने नेतृत्व के जरिए देश को एक नई दिशा दी। उनका अहिंसा और शांति का दर्शन आज के युग में और भी अधिक प्रासंगिक है। चरखे और खादी के जरिए उन्होंने आत्मनिर्भरता और श्रम की गरिमा का संदेश दिया।

स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों और सरकारी विभागों की जिम्मेदारी ही नहीं है। आज भारत स्वच्छता ही सेवा अभियान के जरिए स्वच्छता और हाईजिन के लिए संघर्ष कर रहा है। गांधीजी कहते थे कि स्वच्छता ईश्वर की आराधना के समान ही है। उन्होंने तीन आयामों – स्वच्छ मस्तिष्क, स्वच्छ शरीर और स्वच्छ वातावरण को स्वच्छता के मानदंड में रखा। आइए हम जन स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वच्छता और वातावरण की स्वच्छता के लिए प्रतिबद्ध हों।

यह एक ऐसा राष्ट्रीय आंदोलन है जिसमें सभी लोगों की भागीदारी आवश्यक है। स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्य को हासिल करना गांधी जी की जयंती पर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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