रक्षा मंत्री ने आईएमएसी और आईएफसी-आईओआर के कामकाज की समीक्षा की



गुरुग्राम,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को गुरुग्राम स्थित इन्‍फोरमेशन मैनेजमेंट एंड एनालिसिस सेंटर (आईएमएसी) तथा इन्‍फोरमेशन फ्यूजन सेंटर- इंडियन ओशन रीजन (आईएफसी-आईओआर) का दौरा किया। उन्‍होंने आईएमएसी और आईएफसी-आईओआर के कामकाज की समीक्षा की। नौसेना अध्‍यक्ष एडमिरल करमबीर सिंह सहित वरिष्‍ठ नौसेना अधिकारियों ने उन्‍हें राष्‍ट्रीय सामुद्रिक क्षेत्र सजगता (एनएमडीए) परियोजना के तहत दोनों केंद्रों की क्षमताएं बढ़ाए जाने की जानकारी दी।

एनएमडीए परियोजना को ‘सागर’ (सिक्‍योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन दी रीजन) संबंधी प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप शुरू किया गया है। आईएमएसी एक साल में हिंद महासागर से गुजरने वाले 120,000 से अधिक जहाजों के आवागमन पर नजर रखता है। इन जहाजों के द्वारा ले जाए जाने वाले सामान में 66 प्रतिशत कच्‍चा तेल, 50 प्रतिशत अन्‍य माल और 33 प्रतिशत थोक सामान होता है। इस तरह आईएमएसी नौवहन सूचना, यातायात विश्‍लेषण के आंकड़े जमा करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह अपनी सूचनाएं उपयोगकर्ता एजेंसियों के साथ साझा करता है।

रक्षा मंत्री को आईएफसी-आईओआर के विषय में भी जानकारी दी गई। यह केंद्र साझेदार राष्‍ट्रों और बहुराष्‍ट्रीय सामुद्रिक एजेंसियों के सहयोग से भारतीय नौसेना ने शुरू किया है, ताकि समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। निकट भविष्‍य में केंद्र साझेदार देशों के अंतर्राष्‍ट्रीय संपर्क अधिकारियों की बैठक बुलाएगा।





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