मोहनदास से महात्मा बनने का काम रेल के डिब्बे से ही शुरू हुआ था : अमित शाह



नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि गांधी जी और रेलवे के संबंध बहुत अहम थे, मोहनदास से महात्मा बनने का काम रेल के डिब्बे से ही शुरू हुआ था

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली से कटरा ‘वंदे भारत’ रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और कहा कि आज रेलवे ने जम्मू कश्मीर को बहुत बड़ा तोहफा दिया है। उनका कहना था कि जम्मू कश्मीर के विकास के लिए धार्मिक पर्यटन का बड़ा महत्व है, देश के हर नागरिक की इच्छा रहती है कि पहाड़ों पर विराजमान मां वैष्णो देवी के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद सभी धार्मिक स्थानों की यात्रा को सरल तथा सुगम बनाया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की मनोकामना पूणॆ हो सके।

अमित शाह ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधी जी वह महामानव थे जिन्होंने न केवल भारत अपितु पूरी दुनिया का जीवन को देखने का नजरिया बदल दिया। गांधी जी ने अपने काम से पूरी दुनिया को एक नया दर्शन देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि गांधी जी के सिद्धांत साश्वत हैं जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है।

श्री शाह ने कहा कि ‘स्वदेशी’ गांधीजी का एक सबसे बड़ा नारा था, जो पूरी तरह से स्वदेश में निर्मित गाड़ी ‘वंदे भारत’ द्वारा साकार किया गया है। उनका कहना था कि मोदी जी की प्रेरणा से रेल विभाग ने गांधीजी की कल्पना को चरितार्थ करने का काम किया है।

श्री शाह ने कहा कि मोहनदास से महात्मा बनने का काम रेल के डिब्बे से ही शुरू हुआ था और जिस ब्रिटिश काल का कभी सूर्य अस्त नहीं होता था उसे देश से जाना पड़ा। अमित शाह ने यह भी कहा कि जब बापू के सामने यह सवाल आया कि इस देश को जानना चाहिए, विशाल देश की जनता को आजादी के आंदोलन के साथ जोड़ने की आवश्यकता है, तब गांधी जी ने रेलवे का सहारा लिया। रेलवे के माध्यम से बापू 6 साल तक पूरे भारत में आम-जन के साथ आत्मीयता से जुड़े, विशाल देश की समस्याओं को समझा और गरीब से गरीब व्यक्ति को भी अपने साथ जोड़ने का काम किया।

अमित शाह ने कहा कि रेल विभाग को गांधी और रेलवे के संबंध को रेखांकित करने का काम करना चाहिए ताकि आमजन को पता चले कि रेलवे के साथ बापू किस प्रकार जुड़े थे।

अमित शाह ने बापू के विभिन्न आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने रेलवे से आजादी के आंदोलन को जोड़ा और रेलवे का उपयोग कर आजादी दिलाने का काम किया। उनका कहना था कि देश को 5 ट्रिलियन इकोनामी बनाने के नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूर करने में रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। श्री शाह ने कहा कि रेलवे के द्वारा विगत 5 वर्षों में विभिन्न परियोजनाओं में बहुत तेजी आई है और रेलवे स्टेशन, डिपो आदि के निर्माण कार्य द्रुत गति से हो रहे हैं। उनका कहना था कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में संपूर्ण भारतीयकरण करने का काम किया जा रहा है।

अमित शाह ने कहा कि हर भारतीय के मन में था कि धारा 370 हटाई जाये और नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 तथा 35ए हटाने का एतिहासिक कदम लिया गया। उन्होंने कहा कि आज धारा 370 और 35ए इतिहास का हिस्सा बन चुकी है। धारा 370 केवल देश की एकता और अखंडता के लिए ही नहीं बल्कि कश्मीर के विकास में भी बाधक थी। उनका कहना था कि धारा 370 हटने के बाद कश्मीर के अंदर आतंकवाद और आतंकवादियों की विचारधारा को संपूर्ण उन्मूलन करने में सफलता प्राप्त हुई है। धारा 370 के कारण कश्मीर के विकास में जो अवरोध थे उन सभी अवरोधों को हटाने का काम किया जा चुका है। श्री शाह ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में कश्मीर देश का सबसे विकसित राज्य होगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ाने में ‘वंदे भारत’ रेलगाड़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

अमित शाह ने कहा कि भारतीय रेलवे का बहुत बड़ा इतिहास रहा है। देश को जोड़ने में भारतीय रेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, लंबे समय से भारत की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने में रेल विभाग कार्य कर रहा है। श्री शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री जी ने कल्पना की थी कि पूरे देश में रेल का नेटवर्क सुदृढ़ किया जाए जिसमें रेल मंत्रालय तेज गति से काम कर रहा है। उन्होंने बधाई देते हुए कहा कि रेलवे ने जिस तरह से मोदी जी के संकल्प मेक इन इंडिया को अपनाया है वह सराहनीय है।





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