लोहा चोर ट्रांसपोर्ट कारोबारी इंद्रजीत सिंह ‘छोटू’ के ठिकानों पर जीएसटी की दबिश



--विजया पाठक
एडिटर - जगत विजन
रायपुर - छत्तीसगढ़, इंडिया इनसाइड न्यूज।

■रिकॉर्ड की जांच से उठेगा ‘छोटू’ के अवैध कारोबार से पर्दा

■लोहा चोरी के बाद टैक्‍स चोरी से भी लगाया जा रहा सरकार को चूना

■डीजल टैंक में लोहा भरके लोहा चोरी का अनूठा तरीका

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित लोहा चोर ट्रांसपोर्ट कारोबारी इंद्रजीत सिंह ‘छोटू’ अभी तक तो भिलाई स्टील प्लांट में लोहा चोरी के नाम पर बदनाम हैं लेकिन अब वह टैक्‍स चोरी के शिकंजे में भी आ गये हैं। बताया जा रहा है कि इंद्रजीत सिंह ने करोड़ों की टैक्‍स चोरी करके शासन को चूना लगाया है। हाल ही में लोहा चोर इंद्रजीत सिंह उर्फ ‘छोटू’ से जुड़े ठिकानों पर स्टेट जीएसटी विभाग की कार्रवाई ने कारोबारी और ट्रांसपोर्ट जगत में हलचल पैदा कर दी है। स्टेट जीएसटी दुर्ग की टीम ने हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (एचटीसी) के हथखोज स्थित कार्यालय और गोदाम के साथ-साथ बलौदाबाजार स्थित कंपनी के यार्ड में भी पहुंचकर कारोबारी दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की। कई घंटे तक चली इस कार्रवाई में अधिकारियों ने कंपनी के विभिन्न रिकॉर्ड, कागजात और कारोबारी गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जीएसटी विभाग ने अब तक आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि जांच किस विशेष शिकायत, सूचना या कथित कर अनियमितता के आधार पर की गई। अलग-अलग स्थानों पर जांच किए जाने से यह संकेत मिलता है कि विभाग कंपनी की कारोबारी गतिविधियों और उनके दस्तावेजी रिकॉर्ड का व्यापक स्तर पर मिलान करना चाहता है। वाहनों के संचालन और माल परिवहन से संबंधित रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में होने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही रिकार्ड की जांच पड़ताल के बाद इंद्रजीत सिंह के अवैध कारोबार से पर्दा हटेगा।

●करीब 1,500 ट्रकों से जुड़ा कारोबार

इंद्रजीत सिंह उर्फ ‘छोटू’ को भिलाई के प्रमुख ट्रांसपोर्ट कारोबारियों में गिना जाता है। वे हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी के डायरेक्टर हैं और कंपनी करीब 1,500 ट्रकों के संचालन से जुड़ी बताई जाती है। इतना बड़ा परिवहन नेटवर्क होने के कारण कंपनी की कारोबारी गतिविधियां केवल एक स्थान तक सीमित नहीं हैं। यही वजह है कि जीएसटी टीम ने भिलाई के साथ बलौदाबाजार स्थित यार्ड को भी जांच के दायरे में रखा। इतने बड़े ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में रोजाना बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही, माल की ढुलाई, बिलिंग और भुगतान जैसी गतिविधियां होती हैं। ऐसे में कर संबंधी रिकॉर्ड का सही और व्यवस्थित होना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। जीएसटी विभाग की जांच में इन्हीं पहलुओं से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल किए जाने की बात सामने आई है।

●भिलाई स्टील प्लांट यानी बीएसपी से भी जुड़ा है कारोबार

एचटीसी के कारोबार का एक हिस्सा भिलाई स्टील प्लांट यानी बीएसपी से भी जुड़ा बताया जाता है। कंपनी की करीब 60 से 70 गाड़ियां बीएसपी में परिवहन संबंधी कामों में लगी हैं। इन वाहनों का इस्तेमाल प्लांट परिसर में लोडिंग और परिवहन से जुड़े कार्यों में किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में कंपनी के परिवहन कारोबार से जुड़े बिल, भुगतान, वाहन संचालन और अन्य रिकॉर्ड जीएसटी जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि मौजूदा जांच में बीएसपी से जुड़े कारोबार को लेकर विभाग ने कोई विशेष आपत्ति दर्ज की है। इस संबंध में आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

●चोरी करने का अनूठा तरीका

डीजल टेंक में एक भाग में पानी और एक भाग में डीज़ल और ट्रकों के बेस में खाचे बनवाकर छाई मतलब लोहे की डस्ट भरकर प्लांट में ले जाना, काँटा करवाकर भिलाई स्टील प्लांट अंदर जाना और अंदर टेंक का पानी और डस्ट को खाली करके प्लांट से लोहा चोरी करवाता है। इंद्रजीत ने भिलाई स्टील प्लांट से लोहा चोरी करने का नायाब तरीका अपनाया। डीज़ल टैंक का आधा हिस्सा पानी से भरा होता है। उसी पानी को अंदर प्लांट में खाली किया जाता है। चेम्बर्स में छाई भर कर प्लांट में ले जाते हैं। कांटा कराकर अंदर फिर छाई और पानी खाली किया जाता है। उसके बदले चोरी किया हुआ लोहा भर लिया जाता है।

●इंद्रजीत सिंह की सामाजिक पहचान भी चर्चा में

इंद्रजीत सिंह उर्फ ‘छोटू’ केवल ट्रांसपोर्ट कारोबार तक सीमित नहीं हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वे विभिन्न सामाजिक और खेल संगठनों से भी जुड़े हुए हैं। उन्हें एसबीएस हॉस्पिटल भिलाई के डायरेक्टर के रूप में भी बताया गया है। इसके अलावा वे भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन, यूथ सिख सेवा समिति भिलाई, सर्व समाज कल्याण समिति और न्यू गतका स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ जैसी संस्थाओं में जिम्मेदारियां संभालते बताए जाते हैं। इसी वजह से जीएसटी की कार्रवाई ने कारोबारी हलकों के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर भी ध्यान खींचा है। हालांकि कार्रवाई को उनके सामाजिक या अन्य दायित्वों से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा, क्योंकि मौजूदा जांच का केंद्र कंपनी के कारोबारी रिकॉर्ड और जीएसटी संबंधी दस्तावेज हैं।

●बीजेपी नेता ने साफ कर दिया करोड़ों का लोहा

मामला दुर्ग का है, जहां प्लांट से कचरा साफ करने के नाम पर करोड़ों का कीमती लोहा ही 'साफ' कर दिया गया। इस 'चमत्कारी' खेल के मास्टरमाइंड निकले भाजपा के वैशाली नगर मंडल कोषाध्यक्ष भास्कर मुदलियार। जैसे ही पुलिस ने उन्हें 250 टन लोहे के साथ धर दबोचा, भाजपा ने 06 साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। प्लांट के जनरल मैनेजर और असिस्टेंट जीएम के साथ मिलकर 'कचरे के नीचे करोड़ों का माल' दबा रहे थे। पुलिस ने 3.22 करोड़ की गाड़ियां और क्रेन जब्त कर ली हैं। अब देखना यह है कि जेल की सलाखों के पीछे इन 'लौह-प्रेमियों' को कितना जंग लगता है।

छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट में पिछले 40 वर्षों से लगभग 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के लोहे की चोरी होने का दावा किया गया है। इस मामले ने तब बड़ा रूप ले लिया जब दुर्ग पुलिस ने भिलाई में बड़े पैमाने पर हो रहे एक संगठित लोहा चोरी रैकेट का पर्दाफाश किया। पिता के मरने के बाद बेटा इन्द्रजीत सिंह इस काम को अंजाम दे रहा है। भिलाई स्टील प्लांट में सीआईएसएफ और पुलिस की मदद से लोहा चोरी का साम्राज्य खड़ा कर लिया।

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