तम्बाकू मुक्त पश्चिम बंगाल हमारी भावी पीढ़ी को बचाएगा



कोलकाता, 12 मार्च 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

पश्चिम बंगाल में 2.3 करोड़ लोग धूम्रपान या धूम्र रहित तम्बाकू का उपयोग करते हैं। यह बहुत दुख की बात है कि हर साल 1.5 लाख लोग तंबाकू से संबंधित बीमारियों के कारण असामयिक मौत के शिकार होते हैं। पश्चिम बंगाल के गणमान्य व्यक्तियों और विशेषज्ञों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस कर राज्य की इस गंभीर दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए भावी पीढ़ी को बचाने के लिए पश्चिम बंगाल को तंबाकू मुक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

हावड़ा के एक सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, विंडोज फिल्म प्रोडक्शंस के सहयोग से संबंध हेल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) द्वारा प्रेस क्लब में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने कहा, “यह चिंताजनक है कि तम्बाकू का उपयोग सिगरेट और बीड़ी के रूप में और तंबाकू, जर्दा, खैनी के रूप में धूम्ररहित तंबाकू के रूप में किया जाता है, पश्चिम बंगाल में गुटखा का उपयोग कम नहीं हो रहा है। पश्चिम बंगाल को तम्बाकू मुक्त बनाना भावी पीढ़ी और उनके भविष्य को बचाने के लिए अत्यावश्यक है।” प्रेस कॉन्फ्रेस में प्रख्यात फिल्म निर्माता नंदिता रॉय, शिबोप्रसाद मुखर्जी, वरिष्ठ सर्जन डॉ• सौरवदत्त व अन्य उपस्थित थे।

गौरतलब है कि ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे ( जीएटीएस) 2016-17 के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 2.3 करोड़ या सभी 15 साल के उम्र के वयस्कों में 33.5 प्रतिशत (48.5 प्रतिशत पुरुष और 17.9 प्रतिशत महिलाएं) लोग या तो धूम्रपान करते हैं या धूम्रपान रहित तंबाकू का उपयोग करते हैं। धूम्रपान करने वाले तंबाकू के उपयोग का प्रचलन 16.7 प्रतिशत (31.7 प्रतिशत पुरुष और 0.9 प्रतिशत महिलाएं) है, जबकि धूम्रपान रहित तंबाकू के उपयोग का प्रचलन 20.1 प्रतिशत (22.8 प्रतिशत पुरुष और 17.2 प्रतिशत महिलाएं) है। सर्वेक्षण में यह भी पता चला है कि किसी भी सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने के कारण धुएं के संपर्क में आने वाले वयस्कों का प्रसार 22.5 प्रतिशत है, घर में धूम्रपान करने के कारण धुएं के संपर्क में आने वाले वयस्कों का प्रसार 56.1 प्रतिशत है और कार्यस्थल पर धूम्रपान करने के कारण धुएं के संपर्क में आने वाले वयस्कों का प्रसार 57.5 प्रतिशत है। बीड़ी (14.4 प्रतिशत ) पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला तंबाकू उत्पाद है, जिसका औसत मासिक खर्च 300.50 रुपए प्रति व्यक्ति प्रति दिन है।

प्रख्यात फिल्म निर्माता शिबोप्रसाद मुखर्जी ने कहा कि नंदिता रॉय और मैंने एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमेशा महसूस किया है कि हमारे काम में एक संदेश होना चाहिए जो वास्तव में मानवीय जीवन के बेहतरी के लिए काम करने का हो। चूंकि फिल्में बहुत से लोगों को प्रभावित करती हैं इसलिए हमने इस माध्यम का उपयोग अपनी आने वाली फिल्म में तंबाकू के उपयोग के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए किया है। हम इस तंबाकू विरोधी स्कूली अभियान के लिए विंडोज फिल्म प्रोडक्शंस, संबंध हेल्थ फाउंडेशन के साथ सहयोग करने के लिए स्कूली शिक्षा विभाग की सराहना करते हैं।

इससे पहले, स्कूली शिक्षा विभाग ने बच्चों को तंबाकू विरोधी शपथ दिलाने के साथ एक राज्य-व्यापी तंबाकू विरोधी अभियान शुरू किया था। इस अभियान के दौरान राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में छात्रों ने तंबाकू विरोधी शपथ ली थी। राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने 02 जनवरी 2019 को बिधाननगर से नंदितारॉय, शिबोप्रसाद मुखर्जी और प्रसिद्ध चिकित्सक और अधिकारियों की उपस्थिति में इस तंबाकू विरोधी पहल की औपचारिक शुरुआत की थी।

शिक्षा विभाग ने स्कूली बच्चों में जागरुकता बढ़ाने के लिए स्कूलों को तंबाकू मुक्त बनाने और अन्य गतिविधियों को संचालित करने के लिए वैधानिक संकेतों से युक्त तंबाकू विरोधी अभियान शुरू करने की घोषणा की थी। पहले चरण में कोलकाता, हुगली, पशिम बर्धमान, बैरकपुर और सिलीगुड़ी जैसे पांच जिले शामिल किए गए थे और उसके बाद शेष जिलों में इस अभियान को शुरू करने की योजना बनाई गई। इस तम्बाकू मुक्त विद्यालय पहल का संबंध हेल्थ फाउंडेशन द्वारा एक संस्था के समर्थन से तकनीकी रूप से समर्थन किया जा रहा है।

ताजा समाचार

National Report



Image Gallery
इ-अखबार - जगत प्रवाह
  India Inside News