पश्चिम बंगाल में रहने वाला हर कोई है बंगाली : मिथुन चक्रवर्ती



कोलकाता-प• बंगाल,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

■ कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में हुई विशाल रैली के दौरान पूर्व तृणमूल सांसद व फ़िल्म स्टार मिथुन चक्रवर्ती ने थामा भाजपा का झंडा

■ कोबरा हूँ गलत होने पर फन उठाकर खड़ा हो जाऊँगा : मिथुन

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल रैली ने जहाँ सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित कम्युनिस्ट व काँग्रेस गठबंधन दलों को नए सिरे से चुनावी रणनीति बनाने को बाध्य कर दिया है तो वहीं कभी दीदी के ख़ास माने जाने वाले मिथुन चक्रवर्ती ने भारतीय जनता पार्टी के मंच से ललकारते हुए दिखें। उन्होंने कहा कि बंगाल में रहने वाले सभी बंगाली हैं और किसी को कुछ हुआ तो वह कोबरा साँप की तरह फन उठाकर खड़े हो जाएंगे।

वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मैंने आज तक इतनी विशाल जनसँख्या वाली रैली को सम्बोधित नही किया था। इससे यह साबित हो रहा है कि जनता परिवर्तन के लिए बीजेपी को सत्ता सौपने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि बंगाल की धरती ऊर्जा देती है, आंदोलन को सशक्त करती है ऐसी धरती को मैं नमन करता हूँ।

मालूम हो कि दो माह पूर्व तक तृणमूल से राज्यसभा सदस्य पद से इस्तीफ़ा देने वाले अभिनेता से नेता बने मिथुन चक्रवर्ती पश्चिम बंगाल की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं, जो फिल्मों से लेकर राजनीतिक जीवन में कई अहम किरदार निभा चुके हैं। कभी वामपंथी झुकाव वाले मिथुन चक्रवर्ती तृणमूल कांग्रेस से राज्यसभा सांसद रहे हैं। अब उन्होंने भाजपा का झंडा उठा लिया है। ममता के बयान कि बंगाल से बाहर के लोग बाहरी है के जवाब में मिथुन ने मंच से उनको गहरा सन्देश देते हुए कहा कि बंगाल में रहने वाले सभी बंगाली हैं और वे उनके साथ खड़े हैं।

मिथुन भारतीय सिनेमा में बंगाल के सबसे सफल सितारों में एक हैं। वह गांव-गरीब और मजदूरों के हीरो माने जाते हैं। उनके ज्यादातर प्रशंसक छोटे शहरों और गांवों से जुड़े हैं। मिथुन के जरिये भाजपा बंगाल में गांव-गरीब और मजदूरों तक पहुंच बनाना चाहती है और आज की विशाल जनसागर रैली यह साबित कर रही है कि भाजपा के रणनीतिकारों ने पश्चिम बंगाल फ़तेह के लिए बेहद सधे अंदाज में कदम बढ़ा रहे हैं। अभिनेता के भाजपा में आने से पार्टी को काफी मजबूती मिली है क्योंकि पश्चिम बंगाल की क्षेत्रीय अस्मिता से जुड़े ऐसे विशिष्ट लोगों की जरूरत थी, जिससे वह खुद को बंगाली भद्रलोक में स्थापित कर सके। साथ ही वहां की जड़-जमीन के साथ अपना नाता स्थापित कर पाए। इस कड़ी में मिथुन का आना उसके लिए राजनीतिक रूप से लाभ का सौदा हो सकता है।

मालूम हो कि कुछ सप्ताह पूर्व मिथुन चक्रवर्ती ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात किया था। तभी से उनके बीजेपी में जाने के कयास लगने शुरू हो गए थे। उन्होंने तब कहा कि उनसे मेरी आध्यात्मिक मुलाकात रही है इसका दूसरा मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। दूसरी ओर बीजेपी अध्यक्ष ने टीएमसी के दिग्गज नेता व पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी को भी भगवा झंडा थमाकर ममता दीदी को जोरदार झटका देकर बंगाल में भाजपा को और मजबूत किया है।

सितारों पर दांव की रणनीति नई नही है, मिथुन दादा के भाजपा में शामिल होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि वह किस तरह से पार्टी के लिए फायदेमंद हो सकते है। इसे समझने के लिए आपको ममता बनर्जी के टिकट गणित को समझना होगा। ममता ने इस बार के चुनाव में फिल्मी दुनिया से पांच अभिनेत्री और दो अभिनेताओं को उतारा है। चूंकि, मनोरंजन की दुनिया में मिथुन दा की जबरदस्त पैठ है। ऐसे में भाजपा ने बहुत बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है। यह कितना असरदार साबित होगा, ये तो दो मई को जारी चुनावी परिणाम के बाद ही पता चलेगा।

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