नेपाल में तबाही का मंजर: 300 से ज्यादा भारतीयों के लापाता होने की खबर



--राजीव रंजन नाग
नई दिल्ली, इंडिया इनसाइड न्यूज।

■लापता होने वालों में पूर्व रेल मंत्री मुकुल राय के पुत्र की पत्नी भी

नेपाल के रसुवा ज़िले में आई आपदा के बाद, भारतीय नागरिकों के कई ग्रुप शामिल हैं। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री और त्रिशूली 1 पावर प्रोजेक्ट के कर्मचारी शामिल हैं। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे ने बुधवार सुबह काठमांडू से करीब 100 किलोमीटर उत्तर में, चीन के ऑटोनॉमस इलाके तिब्बत के बॉर्डर के पास 4.4 मैग्नीट्यूड का भूकंप आने की खबर दी। काठमांडू में मौजूद इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट के क्लाइमेट एक्सपर्ट्स ने कहा कि बुधवार को अचानक आई बाढ़ की वजह शायद ग्लेशियर से हुआ एवलांच था।

सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी के मुताबिक, चीनी अधिकारी तिब्बत के बॉर्डर वाले इलाके ग्यिरोंग में बड़े पैमाने पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। सरकारी न्यूज़ एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी प्रेसिडेंट शी जिनपिंग ने अधिकारियों को कोशिशें तेज करने का आदेश दिया है। एक जॉइंट स्टेटमेंट में, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, यूरोपियन यूनियन, फिनलैंड, फ्रांस, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड ने नेपाल में प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता दिखाई, और कहा: “हम प्रभावित इलाकों में रहने वाले सभी लोगों से लोकल अधिकारियों और ऑफिशियल सेफ्टी एडवाइज़री की गाइडेंस मानने की अपील करते हैं क्योंकि हालात लगातार बदल रहे हैं।”

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को बताया कि 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि अब तक 21 भारतीयों को बचाया जा चुका है। मंत्रालय उनके नाम अपने एक्स हैंडल पर उपलब्ध करा रहे हैं, ताकि लोग अपनों की जानकारी पा सकें।"

बाढ़ ने मध्य नेपाल में बस्तियों को तबाह कर दिया है, पुलों को नष्ट कर दिया है और बुनियादी ढांचे, जिसमें पनबिजली सुविधाएं भी शामिल हैं, को नुकसान पहुंचाया है। नेपाल में जनजीवन तबाह हो गया है। अफरा-तफरी का माहौल है। लगभग 270 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 750 से ज़्यादा लोग लापता हैं, जिनमें 288 भारतीय भी शामिल हैं।

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि बुधवार सुबह 8:37 बजे तिब्बत इलाके में भूकंप आया और उसके तीन मिनट बाद ही अचानक बाढ़ आने की खबरें मिलीं। नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप की वजह से ग्लेशियर फटने की घटना हो सकती है, जिससे अचानक बाढ़ आ गई। सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने और संचार व्यवस्था ठप पड़ने के कारण, बचाव दलों को सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों तक पहुँचने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।

अचानक आई बाढ़ के बाद लापता हुए लोगों में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सुभ्रांशु रॉय की पत्नी भी शामिल हैं। सुभ्रांशु रॉय पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय के बेटे हैं। उनकी पत्नी 21 अगस्त को एक ट्रैवल एजेंसी के ज़रिए आयोजित टूर पर नेपाल में अकेले यात्रा कर रही थीं।

भारत सरकार सरकार लापता भारतीयों से संपर्क करने और प्रभावित इलाकों में फँसे लोगों का पता लगाने के लिए नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है। विदेश मंत्रालय के इन 288 भारतीय नागरिकों में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई ग्रुप शामिल हैं। त्रिशूली 1 पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 73 भारतीय नागरिक भी उन लोगों में शामिल हैं जिनसे अभी संपर्क नहीं हो पा रहा है। काठमांडू में आपदा के बाद कम्युनिकेशन लाइनें ठप हो गई हैं।

तमिलनाडु के दो बड़े ग्रुपों में 82 भारतीय नागरिक शामिल हैं - जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। ये दोनों ग्रुप अलग-अलग ट्रैवल एजेंटों के ज़रिए कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। पश्चिम बंगाल के 32 भारतीयों का एक और ग्रुप यात्रा कर रहा था, वे रसुवा ज़िले के तिमुरे में थे। यह वही इलाका है जहाँ आपदा आई थी।

अलग-अलग राज्यों के 61 भारतीय नागरिक, से भी अभी संपर्क नहीं हो पा रहा है। केरल के 33 भारतीय नागरिक भी उन लोगों में शामिल हैं जिनके बारे में अभी कोई पक्की जानकारी नहीं मिल पाई है। इन सभी ग्रुप को मिलाकर ही भारत सरकार ने 288 भारतीय नागरिकों की बड़ी संख्या बनती है। 21 भारतीयों को बचाया गया। काठमांडू में भारतीय दूतावास बचाए गए लोगों के समूह के संपर्क में है। कोलकाता से माउंट कैलाश और मानसरोवर की यात्रा पर निकला 32 लोगों का एक ग्रुप भी लापता लोगों में शामिल है। नेपाल के अधिकारियों ने कहा कि 341 विदेशी नागरिकों समेत 403 लोग लापता बताए गए हैं। इनमें अमेरिका से 47, ऑस्ट्रेलिया से 34, ब्रिटेन से 33 और कनाडा से 24 लोग भी लापता हैं। नेपाल के कई जिलों के लोगों को भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदियों के किनारों से दूर रहने की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने बताया कि भोटेकोशी में बुधवार सुबह करीब 9 बजे बाढ़ आ गई, जिससे कई गांव, सड़कें और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह हो गए।

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नेपाली समकक्ष बालेंद्र शाह से बात की और मदद की पेशकश की। मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, “भारत नेपाल को हर तरह की मानवीय मदद देने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत के कामों में करीब से कोऑर्डिनेट कर रही हैं।”

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लिखा कि भारत ने नेपाल को दस टन राहत सामग्री और ज़रूरी दवाइयाँ भेजी हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश के अधिकारी गंडक नदी का पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए अलर्ट पर हैं।

नेपाल में रूस की एम्बेसी ने कहा कि प्रभावित इलाके में कथित तौर पर चार नागरिक लापता हैं। मलेशिया के विदेश मंत्रालय के अनुसार काठमांडू में उसकी एम्बेसी को मिली जानकारी के अनुसार उनके 11 मलेशियाई लोगों से संपर्क टूट गया है।

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