--- जितेन्द्र मिश्रा, मुम्बई।
बीजेपी सरकार जिस तेजी से आयी थी, उसी तेजी से उसका पतन भी शुरू हो गया है। सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में नाकाम रही है इसलिए जनता का धीरे-धीरे अब सरकार से मोह भंग होने लगा है। सोलापुर में जनता को संबोधित करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री और राकां नेता अजीत पवार ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी निर्णय और जीएसटी लागू करने के कारण देश का बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियां किसान विरोधी है। सरकार की नीति सिर्फ उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाली है। पवार ने कहा कि किसानों को बोगस कहने वाले मंत्री और सरकार दोनों बोगस हैं। कर्ज पाने के लिए किसान अपात्र हो सकते हैं लेकिन सात-बारा रखने वाले किसान बोगस कैसे हो सकते हैं। सरकार को मस्ती चढ़ गयी है, यही जनता उसे उतारेगी। राज्य में इतनी घमंडी सरकार कभी नहीं आयी थी। राज्य में यशवंत राव चव्हाण और शरद पवार ने सत्ता संभाली और राजनीतिक संस्कृति को नयी ऊँचाई दी। आज के सत्ताधारी दल सिर्फ राज्य के राजनीतिक इतिहास को कलंकित कर रहा है।
राज्य में बड़े-बड़े निवेश का दावा करने वाली आज तक बता नहीं पायी कि कितने का निवेश आया है। राज्य में कानून-व्यवस्था चरमरा गयी है। जबकि सरकार दावा करती है कि हमने अपराध करने वालों को दबे पैमाने पर सजा दिलाई है।
महत्वपूर्ण यह नहीं है कि आप ने सजा दिलाई बल्कि अपराध रोकने के लिए जनता ने आप को जनाधार दिया था जिसमें सरकार फेल हो गयी है।