--परमानंद पांडेय,
मुम्बई-महाराष्ट्र, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
भारतीय जनता पार्टी के साथ चुनाव जीतकर आयी। मोदी पर लोगों को विश्वास था। लोगों ने इसीलिए गठबन्धन को विजयी बनाया। इसके बाद घाघ भ्रष्ट एनसीपी नेता शरद पवार ने खेल शुरू किया। मैनडेट को झुठलाते हुए अघाड़ी सरकार बनी। उद्भव को मोहरा बनाया गया एनसीपी का। कांग्रेस भी शामिल हुई। उसके बाद हम सभी के सामने है देश के अंदर एक भ्रष्टतम राज्य सरकार।
शिवसेना ने अपने निकृष्ट स्वार्थ के लिए बालासाहेब के हिंदुत्व के सिद्धांत को छोड़ दिया। इस तीन टांगो वाली सरकार ने भ्र्ष्टाचार की सारी सीमाएं तोड़ दीं। लूट घूस वसूली माफियागिरी के सारे रेकॉर्ड टूट गए। एनसीपी कोटा से बने गृहमन्त्री अनिल देशमुख को अन्ततः जाना ही पड़ा और फिर तो जेल में बंद होना ही पड़ा। अब एनसीपी कोटे के ही बड़बोले दाऊद जैसे ग्लोबल आतंकी के शागिर्द को भी एनआईए और ईडी ने गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश से रिमांड पर लिया। चर्चा कुछ और मंत्रियों की है कि वे भी जेल जा सकते हैं।
नवाब मल्लिक शरद पवार का शागिर्द और मुस्लिम चेहरा है एनसीपी का।शरद पवार कहते हैं कि मुसलमान है नवाब इसीलिए जेल जाना पड़ा। जेल गया है तो कोर्ट के आदेश पर। देश का काला राष्ट्र विरोधी विपक्ष केन्द्रीय जांच एजेंसियों के खिलाफ है न्यायपालिका के भी खिलाफ हो गया है।
ये सारे भ्रष्ट विपक्षी मुस्लिम तुष्टिकरण और भ्र्ष्टाचार में लिप्त होने के कारण मोदी के अंध विरोधी हैं। जिन्हें राष्ट्र की कोई चिंता नहीं है।
अब सुप्रीम कोर्ट ने भी उद्भव सरकार पर कठोर टिप्पणियां की हैं। मामला है परमवीर सिंह का। ये थे मुम्बई के पुलिस कमिश्नर। पहले तो सरकार ने उन्हें यूज़ करना चाहा और किया भी। पर जब परमवीर ने वसूली लूट पर अपना मुंह खोला तो अघाड़ी सरकार ने उन्हें ही गिरफ्तार करने की कोशिश की। सुप्रीम कोर्ट ने परमवीर की याचिका पर उन्हें राहत दी। सरकार को रोक दिया। वह अब परमवीर को किसी प्रकार से तंग नहीं कर सकती है। 09 मार्च को पूरी बात पर बहस होगी। कोर्ट ने जिस प्रकार की टिप्पणियां की हैं उससे तो लग रहा है कि कोर्ट कोई गम्भीर कदम उठा सकता है।
माहाराष्ट्र एक फिट केस है, जहाँ राष्ट्रपति शासन लगना ही चाहिए। आखिर राष्ट्रपति शासन का प्रावधान संविधान में है ही क्यों?
ध्यान रखना चाहिए कि मुंबई देश की अघोषित ही सही पर आर्थिक राजधानी है। पूरी दुनिया माहाराष्ट्र पर नजर गड़ाए हुए है।
अब माहाराष्ट्र के अंदर शरद पवार के इस निकृष्ट नौटंकी को बंद किया जाना चाहिए। ये कहते हैं नवाब मुसलमान है, इसीलिए कार्रवाही हुई। अब तो इस रिंग मास्टर को ही पकड़ा जाना चाहिए। जिस दिन पवार पर ठोस प्रहार होगा उस दिन लोकतंत्र चमकेगा।